दिल्ली पुलिस ने नूपुर शर्मा सहित परिवार को दी सुरक्षा, मिल रही थी धमकियां

दिल्ली पुलिस

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दिल्ली पुलिस ने पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ विवादित टिप्पणी को लेकर भारतीय जनता पार्टी से निष्कासित की गईं नूपुर शर्मा और उनके परिवार को सुरक्षा मुहैया कराई है। अधिकारियों ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी।
इससे पहले, दिल्ली पुलिस ने भाजपा की पूर्व प्रवक्ता शर्मा को पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ विवादित टिप्पणी करने के बाद जान से मारने की धमकियां मिलने की शिकायतों के संबंध में प्राथमिकी दर्ज की थी। शर्मा ने उन्हें मिल रही धमकियों का हवाला देते हुए पुलिस से सुरक्षा मुहैया कराने का अनुरोध किया था।

एक अधिकारी ने कहा, ‘‘शर्मा ने आरोप लगाया था कि उन्हें धमकियां मिल रही हैं और उनकी टिप्पणियों को लेकर उन्हें परेशान किया जा रहा है, जिसके बाद उन्हें एवं उनके परिवार को सुरक्षा मुहैया कराई गई है।’’

पुलिस के मुताबिक, शर्मा ने 28 मई को साइबर सेल इकाई में विभिन्न व्यक्तियों के खिलाफ जान से मारने की धमकी देने के संबंध में एक शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 506 (आपराधिक धमकी), 507 (गुमनाम संचार द्वारा आपराधिक धमकी) और 509 (शब्द, हावभाव या कार्य, जिसका उद्देश्य किसी महिला की गरिमा का अपमान करना है) के तहत अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘जांच के दौरान शर्मा ने शत्रुता को बढ़ावा देने के संबंध में कुछ व्यक्तियों के खिलाफ एक और शिकायत दर्ज कराई। शिकायत की जांच के बाद इस मामले में आईपीसी की धारा 153 ए को जोड़ा गया। ट्विटर इंक को नोटिस भेजे गए हैं और उसके जवाब का इंतजार है। मामले की जांच जारी है।’’

पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ भाजपा नेताओं की विवादास्पद टिप्पणियों की कई मुस्लिम देशों ने कड़ी आलोचना की है। इस बीच, भाजपा ने शर्मा को रविवार को निलंबित कर दिया था और दिल्ली के अपने मीडिया प्रमुख नवीन कुमार जिंदल को निष्कासित कर दिया था।

मुस्लिम संगठनों के प्रदर्शनों और कुवैत, कतर एवं ईरान जैसे देशों की तीखी प्रतिक्रिया के बीच भाजपा ने एक बयान जारी कर कहा था कि वह सभी धर्मों का सम्मान करती है और किसी भी धर्म के पूजनीय लोगों के अपमान की कड़ी निंदा करती है।

लगभग 10 दिन पहले टीवी पर एक बहस में शर्मा की टिप्पणियों और जिंदल के आपत्तिजनक ट्वीट के खिलाफ ट्विटर पर एक अभियान चलाकर कुछ देशों में भारतीय उत्पादों के बहिष्कार का आह्वान किया गया था।

कार्रवाई के बाद नुपूर शर्मा ने टीवी बहस में दिए गए अपने विवादास्पद बयान को बिना शर्त वापस ले लिया था और दावा किया था कि उनकी टिप्पणी ‘‘उनके आराध्य महादेव के निरंतर अपमान और तिरस्कार’’ की प्रतिक्रिया में आई थी।