यूपी के 75 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, 24 घंटे में 31 मौतें; मौसम विभाग ने अगले तीन घंटे के लिए चेतावनी जारी की
रामशंकर, आईआईएमटी न्यूज। लखनऊ। उत्तर प्रदेश में नौतपा के बीच मौसम ने अचानक करवट ले ली है। पिछले दो दिनों से प्रदेश के कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी है। मौसम में आए इस बदलाव से जहां भीषण गर्मी से राहत मिली है, वहीं आंधी-तूफान और बिजली गिरने की घटनाओं ने जनजीवन को प्रभावित किया है। पिछले 24 घंटों में मौसम संबंधी हादसों में प्रदेशभर में 31 लोगों की मौत हो गई है। मौसम विभाग ने शनिवार को सभी 75 जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है।
शनिवार दोपहर लखीमपुर-खीरी, बहराइच, सहारनपुर और मेरठ समेत कई जिलों में तेज आंधी चली, जिसके बाद बारिश शुरू हो गई। कई स्थानों पर आसमान में घने बादल छा गए और दिन में ही अंधेरा जैसा माहौल बन गया। मौसम विभाग ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में अगले तीन घंटों के भीतर तेज आंधी, गरज-चमक और बारिश की चेतावनी जारी की है।
बारिश और ठंडी हवाओं के कारण तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। बांदा, जहां 28 मई को अधिकतम तापमान 47.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था, वहां अब तापमान करीब 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान में 8 से 10 डिग्री सेल्सियस तक की कमी देखी गई है, जिससे लोगों को लू और भीषण गर्मी से राहत मिली है।
हालांकि मौसम की यह राहत कई जगह तबाही भी लेकर आई। गुरुवार रात से शुक्रवार तक चली आंधी और बारिश के कारण अनेक जिलों में पेड़ उखड़ गए, बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हो गए और कच्चे मकानों की दीवारें ढह गईं। कई स्थानों पर टिनशेड उड़ गए और यातायात प्रभावित हुआ। चित्रकूट में तेज आंधी के दौरान पेड़ की बड़ी शाखा टूटने से करीब 500 तोतों की मौत हो गई, जिसने सभी को झकझोर दिया।
राज्य में मौसम जनित हादसों और बिजली गिरने की घटनाओं में कुल 31 लोगों की जान गई है। इनमें सबसे अधिक 15 मौतें बुंदेलखंड क्षेत्र में दर्ज की गई हैं। हमीरपुर में छह, बांदा में तीन तथा महोबा, उरई और जालौन में दो-दो लोगों की मौत हुई। इसके अलावा कौशांबी में चार, सहारनपुर और देवरिया में दो-दो तथा प्रतापगढ़, अंबेडकरनगर, बलिया, महाराजगंज, मथुरा, उन्नाव, फतेहपुर और रामपुर में एक-एक व्यक्ति की जान चली गई।
मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने आंधी-बारिश से हुए नुकसान का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने और राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन को मृतकों के परिजनों को सहायता उपलब्ध कराने तथा नुकसान का आकलन करने के आदेश भी दिए गए हैं।
लखनऊ स्थित मौसम केंद्र के वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आ रही नमी तथा सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण प्रदेश में मौसम का यह बदलाव देखने को मिल रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश और तराई क्षेत्रों में तूफान का खतरा अधिक बना हुआ है। कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि 2 जून तक प्रदेश में आंधी, बारिश और बादलों का दौर जारी रह सकता है। इस दौरान तापमान में और गिरावट संभव है। लोगों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखने तथा मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है।
