रिठाला-कुंडली मेट्रो कॉरिडोर के रास्ते में आए 3493 पेड़, 527 कटेंगे और 2966 होंगे ट्रांसप्लांट

रामशंकर, आईआईएमटी न्यूज, नई दिल्ली। दिल्ली मेट्रो के फेज-4 के तहत निर्माणाधीन रिठाला-कुंडली कॉरिडोर को आगे बढ़ाने के लिए दिल्ली मेट्रो रेल निगम (DMRC) ने पेड़ों की कटाई और ट्रांसप्लांटेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। परियोजना के तहत रिठाला से दिल्ली-हरियाणा सीमा तक कुल 3,493 पेड़ प्रभावित हो रहे हैं। इनमें 527 पेड़ों को काटा जाएगा, जबकि 2,966 पेड़ों को वैज्ञानिक तरीके से उखाड़कर दूसरी जगह लगाया जाएगा।

डीएमआरसी इस कार्य पर लगभग 7.52 करोड़ रुपये खर्च करेगा। प्रभावित पेड़ पश्चिमी यमुना नहर, सनोथ गांव, नरेला मेट्रो डिपो, एफसीआई भंडारण परिसर, दिल्ली-अंबाला रेलवे लाइन और रोहिणी सेक्टर-25, 28 तथा 34 के आसपास स्थित हैं। ट्रांसप्लांट किए जाने वाले सभी पेड़ों को दक्षिणी दिल्ली के डेरा मंडी क्षेत्र में स्थानांतरित किया जाएगा।

डीएमआरसी के अनुसार ट्रांसप्लांटेशन के बाद एक वर्ष तक पेड़ों की देखभाल और निगरानी की जाएगी। ठेकेदार को कम से कम 80 प्रतिशत सर्वाइवल रेट सुनिश्चित करना होगा। यदि जीवित रहने वाले पेड़ों की संख्या 50 प्रतिशत से कम रहती है तो भुगतान नहीं किया जाएगा। पूरे कार्य को 18 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

दस्तावेजों के अनुसार विलायती कीकर, यूकेलिप्टस और ल्यूकेना जैसी विदेशी एवं पर्यावरण के लिए हानिकारक प्रजातियों के 527 पेड़ों को काटा जाएगा। परियोजना में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी पेड़ों की जियो-टैगिंग की जाएगी और एक वर्ष बाद सोशल ऑडिट भी कराया जाएगा।

करीब 26.46 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर 6,230 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होगा। यह रिठाला रेड लाइन का विस्तार होगा और नरेला, बवाना तथा रोहिणी क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। पूरे मार्ग पर 21 एलिवेटेड स्टेशन बनाए जाएंगे और परियोजना को चार वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

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