कैंसर के इन लक्षणों को ना करे अनदेखा-

लक्षणों

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छाया सिंह : कैंसर एक ऐसी प्रभावी बीमारी है जिसका कोई स्थाई इलाज नही है। इस जानलेवा बीमारी से शरीर की कोशिकाएं नष्ट होने लगती हैं। अगर वक्त रहते इस बीमारी का पता चल जाए तो कैंसर का इलाज किया जा सकता है। कैंसर कई प्रकार का होता है जिसमें पैंक्रियाटिक कैंसर भी काफी खतरनाक होता है। हाल ही में एक्सपर्ट द्वारा पैंक्रियाटिक कैंसर जो पेट के निचले हिस्से के अग्न्याशय के पीछे वाले भाग मे होता है। एक्सपर्ट के अनुसार, कैंसर के लक्षणों के बारे में बताया गया है कि पैंक्रियाज शरीर के काफी अन्दर होता है। इसलिए शुरुवात के समय इसका पता लगाना बेहद मुश्किल होता है। इसके लक्षणों को पैरों में भी देखा जा सकता है। जिससे इस कैंसर का पता लगाया जा सकता है।
कैंसर सोसायटी के मुताबिक, पैंक्रियाटिक कैंसर एक ऐसी क्षमता होती है जो खून को हाइपर-कॉग्युलेटिव स्टेज में पहुंचा देता है। ये वो स्टेज होती है जहां खून के थक्के जमने लगते हैं, अगर किसी को यह कैंसर होता है तो उसके पैरं में खून के थक्के जैसे लक्षणों को देखा जा सकता है। और यह पैंक्रियाटिक कैंसर का पहला लक्षण होता है। नसों मे खून के थक्के को जमने के स्टेज को डीप वेन थ्राम्बोसिस कहा जाता है। इन लक्षणों मे दर्द, सूजन, व पैरों का गर्म होना भी शामिल है कुछ मामलों में ब्लड क्लॉट लंग्स तक भी पहुंच सकते हैं। जिसमे सांस लेने मे कठिनाई होती है। इस स्थित को एंबॉलिज्म कहा जाता है। और इसमें मौत का जोखिम बढ़ जाता हैं।
मरीजों में जागरुकता की कमी के कारण डी.वी.टी का खतरा बढ़ रहा है मेयो क्लिनिक में पैंकियाज डिसीज ग्रुप के डायरेक्टर डॉंक्टर शांति स्वरुप वेगे के मुताबिक, पैंक्रियाटिक कैंसर का इलाज काफी मुश्किल है. क्योंकि डी.वी.टी पैंक्रियाटिक कैंसर को और भी खतरनाक बना देता है. इस बिमारी मे सिर्फ 5 प्रतिशत मरीज ही जिंदा रहते हैं।