यूपी में मौसम का दोहरा असर: आंधी-बारिश से राहत, 16 जिलों में हीटवेव का अलर्ट

सचिन रॉय, आईआईएमटी न्यूजलखनऊ। उत्तर प्रदेश में मौसम इन दिनों दोहरे रंग दिखा रहा है। एक ओर प्रदेश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी और लू ने लोगों का जीना मुहाल कर रखा है, वहीं दूसरी ओर देर रात आई आंधी और बारिश ने कुछ इलाकों में तबाही भी मचाई। सोमवार देर रात लखनऊ, उन्नाव और आसपास के क्षेत्रों में तेज आंधी के साथ बारिश हुई, जिससे कई स्थानों पर पेड़ उखड़ गए और बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई। उन्नाव में पेड़ गिरने से एक 70 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई।

तेज आंधी के कारण उन्नाव के कई गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। सड़कों पर पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित हुआ, जबकि रेलवे ट्रैक पर पेड़ की डाल गिरने से रेल संचालन भी बाधित रहा। कानपुर से बालामऊ जा रही पैसेंजर ट्रेन को सफीपुर क्षेत्र में रोकना पड़ा। रेलवे कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर ट्रैक से बाधा हटाई, जिसके बाद रेल यातायात सामान्य हो सका।

मंगलवार सुबह राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के अधिकांश जिलों में तेज धूप और उमस देखने को मिली। बुंदेलखंड और दक्षिणी उत्तर प्रदेश के जिलों में हालात सबसे अधिक चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। मौसम विभाग ने प्रदेश के 16 जिलों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में दिन के समय तेज गर्म हवाएं चलने और तापमान 45 से 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग के अनुसार फर्रुखाबाद प्रदेश का सबसे गर्म शहर दर्ज किया गया, जहां तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। झांसी में भी हीटवेव का यलो अलर्ट जारी किया गया है और वहां तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। जौनपुर, बरेली, गोरखपुर और अन्य जिलों में भी तेज गर्मी और उमस से लोग परेशान हैं।

हालांकि मौसम वैज्ञानिकों ने राहत की उम्मीद भी जताई है। लखनऊ स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार 11 जून से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां शुरू होंगी। 11 से 13 जून के बीच प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। इससे तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 10 जून को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा, जबकि पूर्वी जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। 11 जून से प्री-मानसून बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है। 12 और 13 जून को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश होने के आसार हैं, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और लू से राहत मिल सकती है।

इस बीच भारतीय मौसम विभाग ने मानसून को लेकर भी सकारात्मक संकेत दिए हैं। विभाग के अनुसार इस बार मानसून ने शुरुआती देरी के बावजूद रफ्तार पकड़ ली है और अगले कुछ दिनों में मध्य भारत की ओर तेजी से बढ़ेगा। अनुमान है कि मानसून 20 जून के आसपास उत्तर प्रदेश में प्रवेश कर सकता है और उसके बाद लगभग 10 दिनों के भीतर पूरे प्रदेश को कवर कर लेगा।

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