मोदी ने तोड़ा नेहरू का रिकॉर्ड, लगातार 4399 दिन तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने वाले पहले नेता बने
रामशंकर, आईआईएमटी न्यूज। नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय राजनीति में एक नया इतिहास रचते हुए लगातार सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। 10 जून 2026 को उनके कार्यकाल के 4399 दिन पूरे हो गए, जिसके साथ ही उन्होंने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का 4398 दिनों का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। इस उपलब्धि के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में प्रधानमंत्री मोदी का विशेष स्वागत किया गया और उनके सम्मान में प्रस्ताव पारित किया गया।
प्रधानमंत्री मोदी ने पहली बार 26 मई 2014 को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। इसके बाद 2019 और 2024 में लगातार तीसरी बार जनादेश प्राप्त कर वे प्रधानमंत्री बने। इस तरह वे स्वतंत्र भारत के इतिहास में लगातार तीन बार जनता द्वारा चुने गए प्रधानमंत्री के रूप में सबसे लंबा कार्यकाल पूरा करने वाले नेता बन गए हैं।
केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में सभी मंत्रियों ने खड़े होकर तालियां बजाकर प्रधानमंत्री का अभिनंदन किया। बैठक में उनके नेतृत्व में देश में हुए विकास कार्यों, सुशासन, पारदर्शिता और जनकल्याणकारी योजनाओं की सराहना करते हुए विशेष प्रस्ताव पारित किया गया। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि वर्ष 2014 का भारत और आज का भारत पूरी तरह अलग है तथा प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश ने विकास और वैश्विक प्रतिष्ठा के नए आयाम स्थापित किए हैं।
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने भी इस अवसर पर उन्हें बधाई देते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में मोदी ने स्थिरता, पारदर्शिता, सुशासन और समावेशी विकास पर आधारित नेतृत्व प्रदान किया है। पीएमओ के अनुसार, उनके नेतृत्व में भारत ने आर्थिक, सामाजिक और वैश्विक स्तर पर उल्लेखनीय प्रगति की है।
इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में देशभर में भाजपा और एनडीए कार्यकर्ताओं ने विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए। उत्तराखंड के चारों धाम—बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री—में प्रधानमंत्री मोदी की दीर्घायु और देश की प्रगति के लिए विशेष पूजा-अर्चना की गई। केदारनाथ धाम में जलाभिषेक और यज्ञ का आयोजन हुआ, जबकि बद्रीनाथ में महाभिषेक और हवन संपन्न कराया गया। गंगोत्री में विशेष गंगा आरती और यमुनोत्री में पहली आरती प्रधानमंत्री के नाम से की गई।
इसी बीच दिल्ली के भारत मंडपम में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में भाजपा और एनडीए शासित 22 राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता शामिल हुए। गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और अन्य कई प्रमुख नेता बैठक में पहुंचे।
बैठक में प्रधानमंत्री मोदी की उपलब्धि पर बधाई प्रस्ताव पारित किए जाने के साथ-साथ ‘विकसित भारत-2047’ के रोडमैप, केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय, विकास परियोजनाओं में तेजी, ‘ईज ऑफ लिविंग’ और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की गई। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह उपलब्धि केवल एक रिकॉर्ड नहीं, बल्कि भारतीय राजनीति में मोदी के लंबे और प्रभावशाली जनाधार का भी प्रतीक है।
स्वतंत्र भारत में जवाहरलाल नेहरू के बाद नरेंद्र मोदी ऐसे नेता बने हैं जिन्होंने सबसे लंबे समय तक जनता के प्रत्यक्ष जनादेश के आधार पर प्रधानमंत्री पद संभाला है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ मोदी का नाम भारतीय लोकतंत्र के महत्वपूर्ण अध्यायों में दर्ज हो गया है।
