मौसम विभाग

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जलवायु परिवर्तन का असर कहें या बदलता मौसम चक्र कि मकर संक्रांति से सर्दी थोड़ा कम होना शुरू हो जाती है, लेकिन इस बार ठंड में इजाफा देखने को मिल रहा है। कोहरे और बादलों ने शुक्रवार को एक बार फिर से ठिठुरन बढ़ा दी। अधिकतम तापमान पांच डिग्री तक गिर गया। मौसम विभाग ने इसे कोल्ड डे की संज्ञा दी है और शनिवार को भी ऐसा ही मौसम बना हुआ है। हांड़ कंपा देने वाली ठंड जारी है। मार्निंग वाक लिए निकले लोगों की संख्या में लगातार दूसरे दिन कमी आई है।

मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि शनिवार को दिनभर आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। सुबह के समय घना कोहरे की स्थिति बरकरार रही, जिससे लोगों को परेशानी हुई, खासतौर से वाहन चालकों को। अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमश: 16 व 06 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। वरिष्ठ मौसम विज्ञानी आर के जेनामणि ने बताया कि अधिकतम तापमान में गिरावट की मुख्य वजह घना कोहरा और दिन भर बादल छाए रहना रहा। इसी वजह से कोल्ड डे के हालात बने।

मौसम विभाग के मुताबिक ही शुक्रवार की तरह ही शनिवार को भी दिल्ली में विभिन्न जगहों पर कोल्ड डे की स्थिति ही बनी हुई है। अगले सप्ताह एक के एक तीन पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहे हैं, जिसके बाद बारिश के चलते ठंड में कमी आने के आसार हैं।

वहीं, मौसम विभाग के मुताबिक बृहस्पतिवार रात साढ़े 11 बजे पालम में ²श्यता का स्तर 600 और सफदरजंग में 200 मीटर था। इसके बाद इसमें गिरावट आती चली गई। शुक्रवार तड़के साढ़े चार बजे पालम में ²श्यता का स्तर 50 मीटर और सफदरजंग में 200 मीटर दर्ज किया गया। सुबह साढ़े आठ बजे सफदरजंग में भी ²श्यता गिरकर 50 मीटर रह गई। इसके बाद भी इसमें बहुत सुधार नहीं हुआ। दिन भर बादल छाए रहे। सूरज भी बादलों में छिपा रहा। इसी कारण दिन में ठिठुरन और गलन का एहसास भी होता रहा। दिल्ली का अधिकतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री कम 15.4 डिग्री सेल्सियस जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य से एक डिग्री कम 6.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा में नमी का स्तर 76 से 97 प्रतिशत रहा। अधिकतम तापमान 11.0 डिग्री सेल्सियस के लिहाज से नरेला जबकि न्यूनतम तापमान 5.4 डिग्री सेल्सियस से आयानगर सबसे ठंडे इलाके रहे।

मौसम विभाग के मुताबिक शुक्रवार को दिल्ली में सर्दियों के इस सीजन का सबसे लंबा कोहरा पड़ा। इसकी शुरुआत भी बृहस्पतिवार रात से ही हो गई थी। बृहस्पतिवार रात साढ़े 11 बजे पालम में ²श्यता का स्तर 600 और सफदरजंग में 200 मीटर था। इसके बाद इसमें लगातार गिरावट आती चली गई। शुक्रवार तड़के साढ़े चार बजे पालम में ²श्यता का स्तर 50 मीटर और सफदरजंग में 200 मीटर दर्ज किया गया। सुबह साढ़े आठ बजे सफदरजंग में भी ²श्यता गिरकर 50 मीटर रह गई। पूर्वाहन 11 बजे तक यही स्थिति बनी रही। सफदरजंग पर दिन भर ²श्यता का स्तर 400 मीटर से अधिक नहीं जा पाया जबकि पालम में शाम साढ़े पांच बजे जाकर ²श्यता 1000 मीटर तक पहुंच पाई।

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