दक्षिण दिल्ली में गहराया जल संकट, पानी के लिए जूझ रहे हजारों परिवार
रामशंकर, आईआईएमटी न्यूज। नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में गर्मी बढ़ने के साथ ही जल संकट भी गहराता जा रहा है। दक्षिण दिल्ली के खानपुर, मदनगीर, देवली, संगम विहार और आसपास के कई इलाकों में पानी की भारी कमी से हजारों परिवार परेशान हैं। प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को पीने के पानी से लेकर दैनिक घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। जलापूर्ति बाधित होने के कारण आम जनजीवन पर सीधा असर पड़ रहा है और लोगों की परेशानी दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि पानी की समस्या कोई नई नहीं है, लेकिन पिछले एक महीने के दौरान हालात काफी बिगड़ गए हैं। कई इलाकों में नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही है, जबकि कुछ स्थानों पर बेहद कम दबाव से पानी पहुंच रहा है। ऐसे में लोगों को घंटों तक पानी आने का इंतजार करना पड़ता है। कई बार पूरी सुबह नलों में पानी नहीं आता और लोगों को खाली बर्तनों के साथ लौटना पड़ता है।
खानपुर निवासी विमलेश बताती हैं कि उनकी सुबह अब घरेलू कामकाज से नहीं, बल्कि पानी की चिंता से शुरू होती है। कई बार सुबह जल्दी उठकर पानी भरने की कोशिश करती हैं, लेकिन नल सूखे रहते हैं। जब पानी आता भी है तो उसका दबाव इतना कम होता है कि पर्याप्त मात्रा में पानी जमा नहीं किया जा सकता। देवली की निवासी पिंकी का कहना है कि हर दिन यह चिंता बनी रहती है कि अगले दिन के लिए पर्याप्त पानी बच पाएगा या नहीं। कई बार उन्हें पीने के लिए बाजार से पानी खरीदना पड़ता है, जिससे परिवार का खर्च बढ़ गया है।
जल संकट का सबसे ज्यादा असर महिलाओं और घरेलू कामकाज पर पड़ रहा है। मदनगीर निवासी रेखा के अनुसार, पानी की कमी के कारण खाना बनाने, बर्तन धोने, सब्जियां साफ करने और घर की सफाई जैसे सामान्य काम भी चुनौती बन गए हैं। परिवार के सदस्यों को हर समय पानी बचाने की सलाह देनी पड़ती है। कई घरों में कपड़े धोने का काम कई दिनों तक टालना पड़ रहा है। गर्मी के मौसम में पानी की कमी ने लोगों की मुश्किलों को और बढ़ा दिया है।
संगम विहार के कई हिस्सों में लोग पूरी तरह पानी के टैंकरों पर निर्भर हो गए हैं। स्थानीय निवासी दानिश बताते हैं कि टैंकरों का इंतजार अब उनकी दिनचर्या का हिस्सा बन गया है। जैसे ही टैंकर आने की सूचना मिलती है, लोग बाल्टी, ड्रम और अन्य बर्तन लेकर लंबी कतारों में लग जाते हैं। कई बार टैंकर देर से पहुंचते हैं या फिर पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं हो पाता, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि लंबे समय से समस्या बनी हुई है, लेकिन स्थायी समाधान के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
वहीं, राजधानी के नजफगढ़ क्षेत्र में भी जल संकट गंभीर रूप ले चुका है। हरियाणा सीमा से सटे एक दर्जन से अधिक गांवों में लोगों को पीने और घरेलू जरूरतों के लिए हरियाणा के गांवों से पानी लाना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि दिल्ली जल बोर्ड को कई बार शिकायतें दी गईं, लेकिन पर्याप्त संख्या में टैंकर उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। झुलझुली, रावता, सारंगपुर, मलिकपुर, समसपुर, उजवा, ईसापुर और ढांसा समेत कई गांवों में जलापूर्ति लंबे समय से प्रभावित है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बढ़ती गर्मी और जल संकट ने उनकी परेशानियों को कई गुना बढ़ा दिया है। महिलाओं और बुजुर्गों को सुबह से ही पानी की व्यवस्था में जुटना पड़ता है। लोगों ने प्रशासन और दिल्ली जल बोर्ड से तत्काल समाधान की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द ही पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित नहीं की गई तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। राजधानी में जल संकट अब केवल सुविधा का नहीं, बल्कि लोगों की बुनियादी जरूरतों और जीवन से जुड़ा बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है।
