ग्रेटर नोएडा: धरना स्थल जा रहे सपा कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोका, सड़क पर लगा जाम; पुलिस से तीखी नोकझोंक
मीनाक्षी, आईआईएमटी न्यूज, ग्रेटर नोएडा। कासना स्थित राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की मांगों के समर्थन में आयोजित धरना-प्रदर्शन के दौरान गुरुवार को उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब धरना स्थल की ओर जा रहे समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रास्ते में ही रोक दिया। पुलिस की इस कार्रवाई के विरोध में नाराज कार्यकर्ताओं ने सूरजपुर-कासना रोड पर कुछ देर के लिए धरना देकर सड़क जाम कर दी। इससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ।
जानकारी के अनुसार, जिम्स में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की हड़ताल कई दिनों से जारी है। कर्मचारी नियमितीकरण, वेतन संबंधी समस्याओं और अन्य मांगों को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे हैं। कर्मचारियों के समर्थन में समाजवादी पार्टी के स्थानीय पदाधिकारी और कार्यकर्ता धरना स्थल पर पहुंचकर अपना समर्थन जताना चाहते थे। पुलिस प्रशासन को पहले से इसकी सूचना थी, जिसके चलते रास्ते में बैरिकेडिंग कर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई थी।
जैसे ही सपा कार्यकर्ताओं का काफिला सूरजपुर-कासना मार्ग पर पहुंचा, पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना था कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए यह कदम उठाया गया है। हालांकि कार्यकर्ताओं ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए विरोध शुरू कर दिया।
पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद सपा कार्यकर्ता सड़क पर बैठ गए और सरकार तथा प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के कारण कुछ समय के लिए सड़क पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों, छात्रों और अन्य राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई वाहन लंबे समय तक जाम में फंसे रहे।
मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। कार्यकर्ताओं का आरोप था कि शांतिपूर्ण तरीके से धरना स्थल तक जाने से रोकना अनुचित है और प्रशासन विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कर रहा है। वहीं पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी और शांति व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है।
स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल भी मौके पर बुला लिया गया। वरिष्ठ अधिकारियों ने सपा नेताओं से बातचीत कर उन्हें शांत कराया। काफी देर तक चली वार्ता के बाद कार्यकर्ताओं ने सड़क से हटकर अपना विरोध दर्ज कराया, जिसके बाद यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो सका।
सपा नेताओं ने कहा कि वे जिम्स के आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की जायज मांगों का समर्थन करते हैं और सरकार को कर्मचारियों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करना चाहिए। उनका कहना था कि लंबे समय से आंदोलन कर रहे कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया जा रहा है, जिससे उनमें नाराजगी बढ़ती जा रही है।
दूसरी ओर पुलिस प्रशासन का कहना है कि पूरे घटनाक्रम के दौरान स्थिति पर लगातार नजर रखी गई और किसी भी प्रकार की हिंसक घटना नहीं होने दी गई। अधिकारियों के अनुसार, यातायात व्यवस्था को जल्द से जल्द बहाल कर दिया गया और पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए।
गौरतलब है कि जिम्स के आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की हड़ताल लगातार जारी है। नियमितीकरण समेत विभिन्न मांगों को लेकर कर्मचारी आंदोलनरत हैं, जिसके समर्थन में विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठन भी आगे आ रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। प्रशासन ने सभी पक्षों से शांति बनाए रखने और कानून-व्यवस्था का पालन करने की अपील की है।
