यूपी के 20 शहरों में आंधी-बारिश, लखनऊ-प्रयागराज में दिन में छाया अंधेरा; 54 जिलों में अलर्ट
रामशंकर, आईआईएमटी न्यूज, लखनऊ, उत्तर प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं। शनिवार सुबह प्रदेश के कई जिलों में मौसम ने अचानक करवट ली। राजधानी लखनऊ समेत कानपुर, प्रयागराज, फतेहपुर, रायबरेली, सीतापुर, हरदोई, शाहजहांपुर, फर्रुखाबाद, हाथरस, संभल और उन्नाव सहित करीब 20 शहरों में तेज आंधी और बारिश दर्ज की गई। कई स्थानों पर धूलभरी आंधी के बाद तेज हवाएं चलीं और फिर झमाझम बारिश शुरू हो गई। मौसम के इस बदलाव से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली, लेकिन कई इलाकों में जनजीवन भी प्रभावित हुआ।
लखनऊ में शनिवार सुबह करीब 7:45 बजे अचानक आसमान में काले बादल छा गए और दिन में ही अंधेरे जैसा माहौल बन गया। कुछ ही देर बाद तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। कई इलाकों में आधे घंटे से अधिक समय तक तेज बारिश हुई। शहर की सड़कों पर पानी भर गया और यातायात की रफ्तार धीमी पड़ गई। कार्यालय और अन्य जरूरी कामों के लिए निकले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रयागराज और कौशांबी में भी मौसम का रौद्र रूप देखने को मिला। यहां धूलभरी आंधी चलने के बाद तेज हवाओं ने लोगों को घरों में रहने पर मजबूर कर दिया। कई स्थानों पर पेड़ों की टहनियां टूटकर सड़कों पर गिर गईं। बिजली आपूर्ति भी कुछ समय के लिए बाधित रही।
हाथरस में भारी बारिश के कारण हालात सबसे ज्यादा प्रभावित दिखाई दिए। कोतवाली सदर परिसर में पानी भर गया, जिससे पुलिसकर्मियों और फरियादियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। शहर की कई प्रमुख सड़कें जलमग्न हो गईं। निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई और लोगों को आवागमन में कठिनाई हुई।
कानपुर में भी तेज बारिश के कारण कई इलाकों में पानी घरों तक पहुंच गया। नालियों और जल निकासी व्यवस्था पर दबाव बढ़ने से कई मोहल्लों में जलभराव हो गया। लोगों को घरों से पानी निकालने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। वहीं उन्नाव, रायबरेली, फतेहपुर और सीतापुर में भी तेज हवाओं और बारिश का असर देखने को मिला।
मौसम विभाग ने प्रदेश के 54 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा 22 जिलों में आंधी और तूफान की चेतावनी दी गई है। भारतीय मौसम विभाग ने लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों के लिए विशेष चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अगले कुछ घंटों में तेज हवाएं, बिजली चमकने और बारिश की संभावना बनी रहेगी। विभाग के अनुसार हवा की गति 70 से 90 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
लोगों के मोबाइल फोन पर भी अलर्ट संदेश भेजे गए हैं, जिनमें खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने और खुले क्षेत्रों से बचने की सलाह दी गई है। बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ है। इसके प्रभाव से प्री-मानसून गतिविधियों ने जोर पकड़ लिया है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी के कारण वातावरण में बदलाव हो रहा है, जिससे आंधी और बारिश का सिलसिला जारी है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति अगले कुछ दिनों तक बनी रह सकती है।
लखनऊ स्थित मौसम केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि प्रदेश में प्री-मानसून बारिश का दौर शुरू हो चुका है। उन्होंने कहा कि 15 और 16 जून तक अधिकांश जिलों में आंधी, तेज हवाएं और बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। हालांकि बीच-बीच में गर्मी भी महसूस होगी, लेकिन बारिश लोगों को राहत देती रहेगी।
मौसम विभाग का अनुमान है कि उत्तर प्रदेश में मानसून अपने निर्धारित समय के आसपास, यानी 20 जून तक प्रवेश कर सकता है। इसके बाद प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में नियमित बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है। फिलहाल प्री-मानसून की सक्रियता ने गर्मी के तेवर कम कर दिए हैं और लोगों को राहत पहुंचाई है, लेकिन तेज हवाओं और जलभराव जैसी समस्याओं के कारण प्रशासन को भी सतर्क रहने की जरूरत है।
