UP पुलिस भर्ती परीक्षा में कड़ी निगरानी, टोपी-कड़ा और चेन उतरवाकर मिली एंट्री

सचिन रॉय, आईआईएमटी न्यूज। गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों की भर्ती परीक्षा के पहले दिन गाजियाबाद के परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर अभूतपूर्व इंतजाम किए गए। अभ्यर्थियों को डबल लेयर चेकिंग से गुजरना पड़ा। परीक्षा केंद्रों में प्रवेश से पहले उनके आधार कार्ड, पहचान पत्र और एडमिट कार्ड की जांच की गई, जबकि दूसरी जांच में टोपी, कड़ा, चेन, चूड़ी, चश्मा और अन्य सामान उतरवाकर ही अंदर जाने की अनुमति दी गई।

सोमवार को प्रदेश के विभिन्न जिलों से हजारों अभ्यर्थी परीक्षा देने गाजियाबाद पहुंचे। नकलविहीन परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस और प्रशासन ने परीक्षा शुरू होने से करीब दो घंटे पहले ही प्रवेश द्वार खोल दिए थे। प्रत्येक अभ्यर्थी की गहन जांच के बाद ही उन्हें परीक्षा कक्ष तक पहुंचने दिया गया। परीक्षा कक्ष में प्रवेश के बाद अभ्यर्थियों का बायोमेट्रिक सत्यापन भी कराया गया।

जिले में 8, 9 और 10 जून तक यह भर्ती परीक्षा आयोजित की जा रही है। पहले दिन मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, बुलंदशहर और मुरादाबाद समेत कई जिलों के अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। जिले के 25 परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में परीक्षा आयोजित की जा रही है। कुल 66 हजार अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होना है। पहली पाली में करीब 11 हजार अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी।

परीक्षा देकर बाहर निकले अभ्यर्थियों के चेहरों पर संतोष दिखाई दिया। कई उम्मीदवारों ने बताया कि सामान्य ज्ञान, हिंदी, गणित और रीजनिंग से जुड़े प्रश्न अपेक्षाकृत आसान थे। उनका कहना था कि यदि आगामी चरण भी अच्छे रहे तो उत्तर प्रदेश पुलिस में भर्ती होने का सपना साकार हो सकता है।

सुरक्षा व्यवस्था के तहत परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ईयरफोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पूर्ण प्रतिबंध रहा। अभ्यर्थियों से ये सामान बैग में रखवाकर केंद्र के निर्धारित कक्षों में जमा कराए गए। हापुड़ रोड स्थित सेठ मुकुंद लाल इंटर कॉलेज समेत सभी केंद्रों पर यह व्यवस्था लागू रही। महिला अभ्यर्थियों की जांच के लिए विशेष रूप से महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी, जो अलग कमरों में उनकी जांच कर रही थीं।

एक केंद्र पर एक अभ्यर्थी के पास मोबाइल मिलने पर पुलिस अधिकारियों ने उसे बाहर जमा कराने के निर्देश दिए। मोबाइल जमा कराने के बाद ही उसे परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति मिली।

प्रशासन के अनुसार परीक्षा के सफल और पारदर्शी संचालन के लिए मेरठ मंडल के सेवानिवृत्त पुलिस महानिरीक्षक आर.के. चतुर्वेदी को जोनल ऑब्जर्वर नियुक्त किया गया है। प्रत्येक केंद्र पर केंद्र व्यवस्थापक, केंद्र पुलिस प्रभारी, स्टेटिक मजिस्ट्रेट, सेक्टर मजिस्ट्रेट और बायोमेट्रिक सत्यापन के लिए नामित कर्मचारियों की तैनाती की गई है।

अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और नकलमुक्त बनाने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। आगामी दो दिनों तक भी इसी तरह की सख्त निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था जारी रहेगी।

About Post Author