नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तार हुए TMC नेता जहांगीर खान, अवैध वसूली समेत 7 मामलों में थे वांछित

रामशंकर, आईआईएमटी न्यूज। कोलकाता। पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेता जहांगीर खान को नेपाल सीमा के पास से गिरफ्तार कर लिया है। उन पर अवैध वसूली समेत कई गंभीर आरोप हैं और दक्षिण 24 परगना जिले के फालता थाने में उनके खिलाफ सात एफआईआर दर्ज हैं। पुलिस को आशंका थी कि जहांगीर देश छोड़कर नेपाल भागने की कोशिश कर रहे थे। फिलहाल उन्हें कोलकाता लाया जा रहा है।

न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, जहांगीर खान की गिरफ्तारी मुख्य रूप से अवैध वसूली के आरोपों के तहत की गई है। हालांकि, कुछ मीडिया रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया था कि उनके समर्थकों ने महिलाओं को गैंगरेप की धमकी दी थी, जिसके बाद उनके खिलाफ कार्रवाई तेज हुई। पुलिस ने अभी तक गिरफ्तारी को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

जहांगीर खान हाल ही में हुए 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में फालता सीट से उम्मीदवार थे। चुनाव के दौरान इस सीट पर कई विवाद सामने आए थे, जिसके चलते 21 मई को पुनर्मतदान कराया गया। पुनर्मतदान से 48 घंटे पहले जहांगीर ने अचानक चुनाव मैदान छोड़ने और अपनी उम्मीदवारी वापस लेने की घोषणा कर दी थी। इसके बाद 24 मई को घोषित नतीजों में वह मात्र 7,783 वोट पाकर चौथे स्थान पर रहे।

चुनाव में हार के बाद जहांगीर खान सार्वजनिक रूप से लगभग गायब हो गए थे। उन्हें न तो उनके आवास पर देखा गया और न ही पार्टी कार्यालय में। आखिरी बार 19 मई को वह एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में नजर आए थे, जहां उन्होंने चुनाव से हटने का ऐलान किया था।

मई 2026 में जहांगीर खान ने कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए अपने खिलाफ दर्ज मामलों की जानकारी और गिरफ्तारी से सुरक्षा की मांग की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके खिलाफ लगातार राजनीतिक कारणों से मामले दर्ज किए जा रहे हैं। हालांकि, हाईकोर्ट द्वारा पहले दी गई सुरक्षा 26 मई को वापस ले ली गई थी।

चुनाव प्रचार के दौरान जहांगीर खान ने खुद को फिल्म ‘पुष्पा’ के किरदार की तरह पेश किया था। वह अक्सर ‘पुष्पा झुकेगा नहीं साला’ डायलॉग दोहराते हुए खुद को एक मजबूत और दबंग नेता के रूप में प्रस्तुत करते थे। उनकी यह छवि चुनावी प्रचार का प्रमुख हिस्सा रही।

फालता विधानसभा क्षेत्र इस चुनाव में सबसे अधिक चर्चा में रहा था। मतदान के बाद कई बूथों पर ईवीएम में कथित छेड़छाड़ और वेब कैमरों की फुटेज से छेड़छाड़ के आरोप लगे थे। जांच में करीब 60 बूथों पर अनियमितताओं के संकेत मिले थे। इन घटनाओं के चलते चुनाव आयोग ने पुनर्मतदान का आदेश दिया था।

जहांगीर खान की गिरफ्तारी को पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े और खुलासे हो सकते हैं तथा इसका असर राज्य की सियासत पर भी पड़ सकता है।

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