मेरठ में झमाझम बारिश, यूपी के 42 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट; 80 किमी रफ्तार से चलेंगी हवाएं
रामशंकर, आईआईएमटी न्यूज, मेरठ
उत्तर प्रदेश में पिछले दस दिनों से जारी आंधी-बारिश का सिलसिला गुरुवार को भी जारी रहा। मेरठ और मुजफ्फरनगर में सुबह से रुक-रुक कर बारिश हुई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली। वहीं मौसम विभाग ने प्रदेश के 42 जिलों में आंधी-बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार कई स्थानों पर 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। लखनऊ स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि नया पश्चिमी विक्षोभ पूरे प्रदेश को प्रभावित कर रहा है, जिसके कारण पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में अगले तीन दिनों तक बारिश और तेज हवाओं की संभावना बनी रहेगी। कुछ इलाकों में ओलावृष्टि भी हो सकती है।
गुरुवार सुबह मेरठ में तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हुई। बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों को गर्मी से राहत मिली। मुजफ्फरनगर में भी गरज-चमक के साथ तेज बारिश हुई। यहां तापमान 37 डिग्री सेल्सियस से घटकर 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में भी सुधार दर्ज किया गया।
दूसरी ओर प्रदेश के कई हिस्सों में उमस और गर्मी का असर बना हुआ है। राजधानी लखनऊ में सुबह से तेज धूप और उमस रही। मौसम विभाग ने यहां अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना जताई है। हालांकि शुक्रवार से हल्की बूंदाबांदी के आसार हैं। बरेली में भी तेज धूप और गर्म हवाएं चल रही हैं, जहां अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
वाराणसी में नौतपा समाप्त होने के बावजूद तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार बना हुआ है। हालांकि सुबह से हल्के बादल छाए रहने के कारण मौसम में कुछ नरमी महसूस की गई। मौसम विभाग ने यहां भी बारिश की संभावना जताई है। वहीं गंगा नदी में कई स्थानों पर रेत के टीले दिखाई देने लगे हैं। पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि नदी का समय से पहले सिकुड़ना जल संकट के संकेत हो सकते हैं।
बुधवार को कानपुर, गोरखपुर, आजमगढ़ समेत कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश दर्ज की गई थी। वहीं बस्ती प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां तापमान 42 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विभाग का अनुमान है कि प्रदेश में मानसून की एंट्री 18 से 20 जून के बीच हो सकती है। इसके बाद 22 जून तक मानसून के लखनऊ पहुंचने की संभावना है। तब तक पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसम प्रणालियों के कारण बीच-बीच में बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहेगा।
मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है। विशेष रूप से खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने को कहा गया है। किसानों को भी फसलों और कृषि उपकरणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है।
