यूपी में पेट्रोल-डीजल की किल्लत, पंपों पर लंबी कतारें: ट्रैक्टर में ड्रम लेकर पहुंचे लोग, मंत्री बोले- घबराएं नहीं
रामशंकर, आईआईएमटी। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में पेट्रोल और डीजल की किल्लत जैसे हालात बन गए हैं। बुधवार को लगातार दूसरे दिन गोरखपुर, महराजगंज, कुशीनगर, देवरिया, बस्ती, बलिया और सोनभद्र समेत कई जिलों के पेट्रोल पंपों पर लंबी-लंबी कतारें देखने को मिलीं। कई जगहों पर पेट्रोल-डीजल खत्म होने से लोग घंटों लाइन में खड़े रहे। हालात ऐसे रहे कि किसान ट्रैक्टरों में बड़े-बड़े ड्रम और गैलन लेकर पेट्रोल पंपों पर पहुंच गए।
महराजगंज जिले में स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर नजर आई। यहां 149 पेट्रोल पंपों में से केवल 20 पंपों पर ही तेल उपलब्ध बताया गया। सुबह चार बजे से ही लोग लाइन में लग गए थे। पेट्रोल पंपों के बाहर वाहनों की लंबी कतारें लगने से ट्रैफिक जाम जैसे हालात बन गए। कई लोगों ने आरोप लगाया कि घंटों इंतजार के बाद भी उन्हें ईंधन नहीं मिल सका।
कुशीनगर और गोरखपुर में भी हालात चिंताजनक रहे। गोरखपुर के धर्मशाला स्थित भारत पेट्रोल पंप पर लोगों की भारी भीड़ दिखाई दी। लोग बोतल, गैलन और डिब्बे लेकर लाइन में खड़े रहे। कुछ पंपों पर केवल 500 रुपए तक का ही पेट्रोल दिया गया। वहीं बस्ती में प्रशासन ने बाइक चालकों को 200 रुपए और कार चालकों को 1000 रुपए तक ही ईंधन देने की सीमा तय कर दी।
देवरिया की तस्वीरों में एक युवक ट्रैक्टर पर तीन बड़े ड्रम बांधकर पेट्रोल पंप पहुंचता दिखाई दिया। बलिया में किसानों ने बताया कि डीजल नहीं मिलने से खेतों की जुताई का काम प्रभावित हो रहा है। कुछ पेट्रोल पंप संचालकों ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि पहले नियमित रूप से टैंकर मिल जाते थे, लेकिन अब सप्ताह में केवल एक या दो टैंकर ही पहुंच रहे हैं।
हालांकि, सरकार और तेल कंपनियों ने किसी भी तरह की कमी से इनकार किया है। खाद्य एवं रसद नागरिक आपूर्ति मंत्री मनोज पांडेय ने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और जरूरत के अनुसार ही तेल खरीदें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है और किसी तरह की घबराहट की जरूरत नहीं है।
यूपी के राज्य स्तरीय समन्वयक (तेल उद्योग) के कार्यकारी निदेशक संजय भंडारी ने भी बयान जारी कर कहा कि पेट्रोल, डीजल और गैस का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। टर्मिनलों और डिपो से लगातार सप्लाई की जा रही है और आपूर्ति व्यवस्था सामान्य है।
इसी बीच ईंधन बचाने की अपील का असर भी देखने को मिला। गोंडा में जिला जज दुर्ग नारायण सिंह पैदल कचहरी पहुंचे, जबकि चित्रकूट में फैमिली कोर्ट के जज राकेश कुमार यादव साइकिल चलाकर कोर्ट पहुंचे। उन्होंने लोगों से ईंधन बचाने और पर्यावरण संरक्षण की अपील की।
