गर्मी की मार से हाहाकार , बिजली संकट से मचा बवाल

बिजली संकट

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काजल शर्मा। इस बार भयानक गर्मी हो रही है जिससे दिल्ली एनसीआर समेत सभी राज्य परेशान है। बुरी गर्मी के बीच अब बिजली की किल्लत का भी सामना करना पड़ रहा है। और गर्मी , बिजली के साथ ही साथ महंगाई की मार भी लोगों का जीना दुष्वार कर रही है। इन सभी के बीच, बिजली संकट ने सबसे ज्यादा लोगों में अफरातफरी मचा रखी है। देश में बिजली की अधिक मांग से राज्यों में बिजली संकट दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है। वहीं एक तरफ, दिल्ली सरकार ने केंद्र सरकार को चेताया है कि बिजली का सबसे ज्यादा असर मेट्रों और अस्पताल के संचालन पर पड़ सकता है। वहीं दूसरी तरफ, कई राज्यों में बिजली की भारी मांग से घंटों की कटौती की जा रही है।काजल शर्माइस बार भयानक गर्मी हो रही है जिससे दिल्ली एनसीआर समेत सभी राज्य परेशान है। बुरी गर्मी के बीच अब बिजली की किल्लत का भी सामना करना पड़ रहा है। और गर्मी , बिजली के साथ ही साथ महंगाई की मार भी लोगों का जीना दुष्वार कर रही है। इन सभी के बीच, बिजली संकट ने सबसे ज्यादा लोगों में अफरातफरी मचा रखी है। देश में बिजली की अधिक मांग से राज्यों में बिजली संकट दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है। वहीं एक तरफ, दिल्ली सरकार ने केंद्र सरकार को चेताया है कि बिजली का सबसे ज्यादा असर मेट्रों और अस्पताल के संचालन पर पड़ सकता है। वहीं दूसरी तरफ, कई राज्यों में बिजली की भारी मांग से घंटों की कटौती की जा रही है।


राजधानी दिल्ली में बिजली की सबसे अधिक मांग की जा रही है। महीने की शुरुआत में ही ,दिल्ली में बिजली की 6000 मेगावट तक की मांग की गई थी। स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर के अनुसार , बुधवार को बिजली की मांग 5,769 मेगावाट थी, वहीं गुरुवार को बिजली की मांग 3.7 फीसदी तक और बढ़ गई। दिल्ली में बिजली की मांग महीने की शुरूआत के बाद से बढ़ती ही जा रही है । अब तक इस माह में बिजली की मांग 34 प्रतिशत तक बढ़ गई है। एक अप्रैल को बिजली की मांग कुल 4,469 मेगावाट थी। इस बार इतनी भारी मात्रा में बिजली की मांग का कारण बस गर्मी की मार है। लोग अधिक मात्रा में कूलर और एसी का इस्तेमाल कर रहें हैं जिससे बिजली की खपत ज्यादा हो रही है। गर्मी की वजह से लोग बाहर न निकल कर घर में ही रहना पसंद कर रहे हैं।


इसी के साथ, दिल्ली के ऊर्जा मंत्री सत्येंद्र जैन ने बिजली संकट को देखते हुए केंद्र सरकार को एक पत्र लिखकर चिंता जताई है। उन्होनें लिखा है कि दादरी-राष्ट्रीय राजधानी पावर स्टेशन और फिरोज गांधी ऊंचाहार थर्मल पावर प्लांट से बिजली आपूर्ति बाधित होने से दिल्ली मेट्रो, अस्पतालों समेत कई जरूरी संस्थानों को 24 घंटे बिजली आपूर्ति में दिक्कत हो सकती है।