पंजाब का पारंपरिक त्योहार लोहड़ी

पारंपरिक त्योहार लोहड़ी

पारंपरिक त्योहार लोहड़ी

पंजाब का पांरपरिक त्योहार लोहड़ी । किसी घर में बेटे के जन्म या बेटे की शादी के बाद पहली लोहड़ी की रौनक अलग ही होती है, लेकिन समय के साथ परंपराओं में बदलाव भी आया है। अब पंजाब में बेटियों की लोहड़ी डालने का प्रचलन भी बढ़ गया है। राज्य में लिंगानुपात की स्थिति में सुधार के लिए बड़े पैमाने पर हुए काम के अच्छे परिणाम भी सामने आए, लेकिन अभी इसमें और सुधार की गुंजाइश है।

इस बार चुनावी रंग में रंगे पंजाब की लोहड़ी खास है, बेटियों की सुधरती कुंडली और महिला मतदाताओं की चुनाव में बढ़ती भागीदारी ने नेताओं की आसमां छूने की ख्वाहिश को नया आयाम दिया है। क्योंकि वह सब जानते हैं कि सत्ता की बारात जब चलेगी तो ‘पुत्त’ (बेटा) ही घोड़ी चढ़ेगा। इसका कारण भी साफ है, क्योंकि चुनाव में कोई भी पार्टी किसी महिला को मुख्यमंत्री का चेहरा बनाकर मैदान में नहीं उतर रही। इसलिए नेता आधी आबादी पर फोकस करते हुए बड़ी घोषणाएं कर रहे हैं। वह महिलाओं की ताकत जानते हैैं, यह भी कि उनके आशीर्वाद के बिना सत्ता संग्राम नहीं जीता जा सकता। आधी आबादी कहीं न कहीं यह भी तय करेगी कि इस संग्राम में ‘कौण चढ़ूगा सत्ता दी घोड़ी’।

  महिलाओं का मतदान प्रतिशत 78.16 प्रतिशत, यह पुरुषों को मतदान 76.73 प्रतिशत से ज्यादा है।

विधानसभा चुनाव 2022:  महिला मतदाताओं की संख्या के आंकड़े में 7,10,968 (7.58 प्रतिशत) का इजाफा, 6,84,749 (6.51 प्रतिशत) पुरुष मतदाता भी बढ़े। 

राज्य में लिंगानुपात की स्थिति भी सुधरी है। 2015 में जहां प्रति 1000 लड़कों के मुकाबले लड़कियों के जन्म का अनुपात 883 रहा, वहीं 2021 में यह बढ़कर 919 हो गया।

साल         प्रति 1000 लड़कों के मुकाबले लड़कियों का जन्म अनुपात

2015           883

2016           888    

2017           892

2018           903

2019           886

2020           904

2021           919

पंचायत और निकाय चुनाव में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण तो मिला लेकिन विधानसभा चुनाव में यह स्थिति नहीं है। शिअद और आप ज्यादा महिलाओं को टिकट नहीं दिया है। वहीं शेष दलों ने अभी उम्मीदवारों की घोषणा करनी है।

2000 रुपये महीना और साल में आठ गैस सिलेंडर मुफ्त। पारंपरिक त्योहार लोहड़ी

  • 5वीं से लेकर 10वीं कक्षा की छात्राओं को 5000, 10वीं पास छात्राओं को 15000 और 12वीं पास लड़कियों को 20000 रुपये।
  • कालेज में प्रवेश की स्लिप दिखाने पर छात्राओं को इलेक्ट्रिक स्कूटी।
  • 53 हजार आंगनबाड़ी वर्करों और सहायिकाओं का मानदेय एक जनवरी, 2023 से बढ़ाने की घोषणा।
  • 22 हजार आशा वर्करों को मासिक मानदेय बढ़ाने का लिया फैसला।
  • विधवा व बुजुर्ग महिलाओं को मासिक पेंशन के अलावा 1000 रुपये देने का फैसला।
  • पंजाब में आप सरकार बनने पर 18 साल से अधिक उम्र की सभी महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये। यह राशि बुढ़ापा पेंशन से अलग होगी।  
  • अकाली-बसपा गठबंधन सरकार बनने पर नीले कार्ड वाले लाभार्थी परिवारों की सभी महिलाओं को हर महीने 2000 रुपये।
  • पिछली गठबंधन सरकार में छात्राओं को साइकिल मुफ्त दिए जाते थे।
  • घोषणाओं का पिटारा खुलना अभी बाकी है। संभावना है कि वह भी पीछे नहीं रहेंगे।
  • कैप्टन ने मुख्यमंत्री रहते हुए सरकारी बसों में महिलाओं का सफर मुफ्त किया था। पारंपरिक त्योहार लोहड़ी

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