हाईकोर्ट ने सौरव-रांका से पूछे तीखे सवाल जंतर-मंतर डिनोटिफाई था तो वहां गए क्यों?
मीनाक्षी जागलान आईआईएमटी न्यूज दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को सीजेपी नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई की। सुनवाई के दौरान अदालत ने सवाल किया कि जब जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में डिनोटिफाई कर दिया गया था, तो वे वहां क्यों गए और बैरिकेड तोड़ने की कथित घटना के बाद सीधे हाईकोर्ट आने की जरूरत क्यों पड़ी? न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ताओं को पहले विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अदालत की कार्यवाही का इंतजार करना चाहिए। अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि सत्ता परिवर्तन का उद्देश्य चुनाव के जरिए हासिल किया जाना चाहिए। सौरव दास की उम्र 27 वर्ष और आशुतोष रांका की उम्र 32 वर्ष बताए जाने पर कोर्ट ने कहा, “तो फिर आप जेनजी नहीं हैं।” इसके बाद सीजेपी नेताओं ने हाईकोर्ट से अपनी अर्जी वापस ले ली। सौरव दास और आशुतोष रांका को 13 अक्तूबर को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया था। आरोप है कि दोनों बैरिकेड के बावजूद गेट पर चढ़कर जंतर-मंतर में दाखिल हुए थे। विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अदालत ने उनकी न्यायिक हिरासत 21 अक्तूबर तक बढ़ाई थी। वहीं, हाईकोर्ट ने आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा की पुलिस नोटिस के खिलाफ याचिका पर सुनवाई की मांग पर भी सहमति जताई
