दिल्ली-एनसीआर में खराब हवा: ग्रैप-1 लागू, कोयले-लकड़ी के इस्तेमाल पर प्रतिबंध
मीनाक्षी जागलान आईआईएमटी न्यूज दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण बढ़ने के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) का पहला चरण लागू कर दिया है। बुधवार को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) दोपहर तीन बजे तक 244 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में आता है। ग्रैप-1 के तहत होटलों और रेस्तरां में कोयले और लकड़ी के इस्तेमाल पर प्रतिबंध रहेगा। बीएस-III पेट्रोल और बीएस-IV डीजल वाहनों पर निगरानी बढ़ाई जाएगी। निर्माण स्थलों पर धूल रोकने के उपाय लागू करने, सड़कों की मशीन से सफाई और पानी का छिड़काव करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्माण सामग्री और कचरे को ढककर रखना होगा तथा खुले में कचरा डालने पर रोक रहेगी। इसके अलावा, वाहनों के प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसी) की जांच सख्त होगी और डीजल जनरेटर का इस्तेमाल बिजली आपूर्ति के नियमित स्रोत के रूप में नहीं किया जा सकेगा। 500 वर्ग मीटर या उससे बड़े भूखंडों पर बिना संबंधित पोर्टल पर पंजीकरण वाली निर्माण परियोजनाओं को अनुमति नहीं दी जाएगी। आयोग ने लोगों से वाहनों के इंजन की नियमित जांच कराने, लाल बत्ती पर इंजन बंद रखने, खुले में कचरा नहीं जलाने और पटाखों से बचने की अपील की है। प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों की शिकायत 311, ग्रीन दिल्ली और समीर ऐप के माध्यम से की जा सकती है।
