आंदोलनकारियों के भेष में अराजक तत्वों ने की 35 साल के युवक की हत्या

किसी भी देश में लोकतंत्र की सबसे बड़ी पहचान होती है वहां की खुशहाली। लेकिन जब वहां की जनता सरकार के किसी भी फैसले से दुखी हो तो उसे आंदोलन का अधिकार भी लोकतंत्र ही दिलवाता है। ऐसे में यदि आंदोलन के नाम पर समाज में अराजकता का माहौल पैदा करने की कोशिश की जाए तो वह लोकतंत्र की हत्या से बढ़कर कुछ नहीं होता। ऐसा ही माहौल इस वक्त चल रहे किसान आंदोलन में देखने को मिल रहा है।

पिछले दिनों लखीमपुर खीरी में हुई हिंसक झड़प में किसानों की मौत पर छाती पीट-पीटकर रोने वाले किसान नेता शायद ये भूल गए थे कि दागदारी उनके खेमें में भी हो सकते हैं। दरअसल, सिंघू बॉर्डर पर आज एक ऐसी घटना हुई है जिसे किसी भी तरह नकारा नहीं जा सकता है। दिल्ली-हरियाणा के सिंघू बॉर्डर पर आज एक युवक का बेरहमी से कत्ल कर दिया गया। 35 वर्षीय युवक की हत्या इतनी निर्ममता के साथ गई है जिसको बताना शब्दों में असंभव है।

जानकारी के मुताबिक, युवक की लाश पुलिस बैरिकेड से लटकी मिली है। जिसको किसानों के मुख्य मंच के पास रखा गया है। बर्बरता की इन तस्वीरों में साफतौर पर देखा जा सकता है कि युवक का एक हाथ और उसका एक पैर काट दिया गया है।

खबरों के मुताबिक, हत्या का आरोप निहंगों पर लगा है। बताया जा रहा है कि युवक गुरु ग्रंथ साहिब का अपमान कर रहा था जिसपर गुस्साए निहंगों ने उसकी हत्या कर दी।  

हत्या को लेकर अभी समय स्पष्ट नहीं हो पाया है हालांकि सुबह 5 बजे लोगों को लाश बैरिकेड से लटकी मिली थी। बता दें, युवक की हत्या की जानकारी मिलते ही पूरे आंदोलन परिसर में कोहराम मच गया। चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।

मौके पर पहुंची पुलिस के साथ भी किसानों ने बदसलूकी की। उन्हें घटनास्थल तक जाने का मौका नहीं दिया। हालांकि पुलिस अधिकारियों की लगातार कोशिशों के बाद उन्हें घटनास्थल पर जाने का मौका मिला। वहीं, सोनीपत के डीएसपी हंसराज ने कहा कि आज तड़के करीब 5 बजे जिस स्थान पर किसानों का विरोध प्रदर्शन चल रहा है उस स्थान पर एक शव हाथ, पैर कटा हुआ पाया गया। कौन जिम्मेदार है इसकी जानकारी नहीं है।

पुलिस अधिकारी ने इस मामले पर ज्यादा जानकारी देते हुए बताय़ा कि अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।  

गौरतलब है, इस मामले पर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरु हो गई है। भाजपा की ओर से किसान आंदोलन और उसके नेताओं पर निशाना साधा गया है जबकि कांग्रेस की नेत्री अल्का लांबा ने इस हत्याकांड का जिम्मेदार बीजेपी को ही ठहरा दिया है। भाजपा नेता अमित मालवीय ने ट्वीट कर कहा कि ‘बलात्कार, हत्या, वैश्यावृत्ति, हिंसा और अराजकता… किसान आंदोलन के नाम पर यह सब हुआ है. अब हरियाणा के कुंडली बॉर्डर पर युवक की बर्बर हत्या. आखिर हो क्या रहा है?

उधर, अल्का लांबा ने कहा कि किसानों को बदनाम करने और नए नए षड्यंत्र रच आन्दोलन को खत्म करने की साज़िशें सत्ता में बैठी संघी सरकार लगातार रच रही है, अब तो लगने लगा है कि सरकार अपने लोगों को आंदोलन में शामिल करवा यह सब हिंसा करवा रही है, जिसने भी ऐसा किया है उसे कतई भी नहीं बख्शा जाना चाहिए।

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