आखिर जिम जाने वाले लोगों को क्यों आता है सबसे अधिक हार्ट अटैक

जिम

कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री के मशहूर कलाकार पुनीत राजकुमार का शुक्रवार को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वह महज 46 साल के थे। तबीयत खराब होने के बाद पुनीत को बंगलूरू के विक्रम अस्पताल में भर्ती किया गया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पुनीत राजकुमार को वर्क आउट करते हुए दिल का दौरा पड़ा, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया। इससे पहले भी कई सेल‍िब्रेटी वर्कआउट के दौरान हार्टअटैक की वजह से इस दुन‍िया को अलव‍िदा कह चुके हैं। आइए जानते है क‍ि हार्ट और हैवी वर्कआउट का क्या संबंध हैं? ये तो सब ही जानते है क‍ि व्यायाम आपके लिए अच्छा है, और आज लोग फिट रहने की चाह में जरुरत से ज्या दा ही एक्स रसाइज करते है।


गंभीर रुप से वर्कआउट करना आपकी हार्ट के ल‍िए खतरनाक साबित हो सकता है। आनुवंशिक रुप से दिल के मरीज विशेष रूप से कमजोर होते हैं। हृदय रोग विशेषज्ञों के मुताबिक जिम में इंटेस वर्कआउट करने और हैवी वेट लिफ्टिंग वालों पर ज्यादा रिस्क है। युवाओं में इस वजह से भी हार्ट अटैक की समस्यांएं बढ़ रही है। इसके बजाय, प्राणायाम, योग और 30-45 मिनट तक रोजाना पैदल चलने से दिल की नसों में रक्त प्रवाह बेहतर रहता है। थक्का बनने का खतरा कम होता है।


अधिक एक्सोरसाइज और हार्ट के बीच संबंध नॉर्मल एक्सचरसाइज करने वालो की तुलना में जिम जाने वाले लोग, अपनी शारीरिक क्षमताओं की सीमा को बढ़ाने के ल‍िए कभी-कभी जरुरत से ज्याुदा एक्सेरसाइज कर लेते है। वे 50 मील या उससे अधिक दौड़ते हैं या हैवी एक्सलरसाइज करते हैं। नियमित रूप से कई समय से थकावट, निर्जलीकरण और दर्द कई लोगों को अस्पताल में भर्ती करा सकता है। मैराथन धावकों पर किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि अत्यधिक दौड़ने की वजह से बाद में एथलीटों के रक्त के नमूनों में हृदय की क्षति से जुड़े बायोमार्कर पाए जाते है।


ये क्षति संकेतक आमतौर पर अपने आप दूर हो जाते हैं, लेकिन जब हृदय अत्यधिक शारीरिक तनाव को बार-बार सहता है, तो अस्थायी क्षति से हृदय की रीमॉडेलिंग हो सकती है या शारीरिक परिवर्तन जैसे कि हृदय की दीवारें और दिल पर निशान पड़ सकते हैं। इसके अलावा, शोध में इस बात के प्रमाण मिले हैं कि उच्च तीव्रता वाले व्यायाम से व्यक्तियों में अचानक हृदय गति रुकने या अचानक हार्ट स्ट्रो क की वजह से मर सकते है। यह हृदय ताल विकारों के जोखिम को भी बढ़ा सकता है, खासतौर पर ऐसे लोग जिन्हें हाइपरट्रॉफिक कार्डियोमायोपैथी या कोरोनरी हृदय रोग है।


व्यायाम नहीं करने वाले लोगों की तुलना में ज्याऐदा एक्स रसाइज करने वाले लोगों का हार्ट ज्याीदा स्ववस्थे रहता है। हालांकि, बहुत कम अल्पसंख्यक जिन्हें क‍िसी तरह की अंदरुनी समस्याएं हैं, व्यायाम एरिथमिया या अनियमित दिल की धड़कन को ट्रिगर कर सकता है।
कई शोध में ये भी बात सामने आई है क‍ि ज्यालदा एक्सीरसाइज करने से अलिंद फिब्रिलेशन का खतरा बढ़ सकता है। जब आप व्यायाम करना शुरू करते हैं, तो आपको बढ़ी हुई ताकत, निम्न रक्तचाप और बेहतर नींद और तेज याददाश्त जैसे लाभ दिखाई देने लगते हैं। साथ ही, शारीरिक गतिविधि वजन बढ़ने, अवसाद और डिमेंशिया की समस्याज भी कम लगती है। कुल मिलाकर ज्याकदा एक्सहरसाइज न करने से कोई खास फर्क शरीर पर नहीं पड़ता है।


अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार सप्ताह में कम से कम 150 मिनट की मध्यम शारीरिक गतिविधि करनी चाह‍िए। मध्यम व्यायाम में चलने, जॉगिंग या तैराकी जैसी गतिविधियां कर सकते हैं। सामान्य तौर पर, मध्यम गतिविधियों में सक्रिय रहने के दौरान आपको बीच में एक-एकाध बार बातचीत करनी चाहिए।

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