22 हजार में नवजात को खरीदने वाली महिला रांची से गिरफ्तार

नवजात खरीदने वाली महिला

नवजात खरीदने वाली महिला

झारखंड में मानव तस्करी का मामला सामने आया है। रांची एयरपोर्ट पर गुरुवार को जांच के दौरान सीआईएसएफ के जवानों ने एक महिला को नवजात शिशु के साथ पकड़ा। जब वह बच्चे का नाम नहीं बता पाई तो जवानों को शंका हुई। टिकट चेक किया तो उसमें बच्चे का जिक्र भी नहीं था। इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। 



पुलिस के अनुसार गिरफ्तार महिला का नाम निखत परवीन (36) है। उसने नवजात शिशु को सोनाहातू की रतनी देवी से 22 हजार रुपये में खरीदा था। परवीन ने बताया कि उसे बगोदर की एक महिला से रतनी को जुड़वां बच्चे होने की जानकारी मिली थी। 


 आरोपी परवीन का पति जावेद शेख मुंबई के ठाकुरपाड़ा में रहता है। पुलिस ने परवीन को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। उससे बरामद बच्चे को पुलिस ने बाल आश्रय गृह भेजा है। परवीन 11 जनवरी को मुंबई से फ्लाइट से 11 जनवरी को अकेली रांची पहुंची थी, लेकिन 13 जनवरी को तीन दिन के दूध पीते बच्चे को साथ लेकर वापस फ्लाइट से मुंबई जाने एयरपोर्ट पहुंची थी।

 
महिला परवीन को कोई लड़का नहीं है, उसकी दो बेटियां हैं। उसका पति एक होटल में कर्मचारी है। पुलिस उसके किसी बच्चा चोर गिरोह से जुड़े होने की भी पड़ताल कर रही है। 
नवजात को खरीदने वाली महिला
 
इसके अलावा बच्चा बेचने वाली महिला के भी बयान लिए जाएंगे कि आखिर उसने क्यों अपने लाड़ले को बेचा? क्या उसने गरीबी के कारण यह कदम उठाया? या किसी अन्य कारण से उसने बच्चे को बेचा? 

वह 13 जनवरी की दोपहर इंडिगो की फ्लाइट से मुंबई जा रही थी। उसकी गोद में नवजात था। टिकट में नवजात का जिक्र नहीं होने से सीआइएसएफ जवानों ने उसे गेट पर ही रोक दिया। इसके बाद निखत इंडिगो के काउंटर पर बच्चे का नाम जुड़वाने गई। इंडिगो कर्मचारी ने जब उससे बच्चे का नाम और उम्र पूछी तो वह हड़बड़ा गई। इस पर उसे शक हुआ तो उसने इंडिगो के एयरपोर्ट मैनेजर रिजवान को सूचना दी। पड़ताल की गई तो पाया गया कि वह 11 जनवरी को बगैर बच्चे के मुंबई से रांची आई थी। 13 जनवरी को फ्लाइट 6ई-341 से दोपहर दो बजे की मुंबई फ्लाइट का 12 जनवरी को ऑनलाइन टिकट बनवाया था। टिकट बनवाते वक्त उसने  बच्चे की एंट्री नहीं कराई। यही गोलमोल होने से वह गिरफ्त में आ गई। नवजात को खरीदने वाली महिला

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