जसोला हादसे में सीएम के अल्टीमेटम में जेई सस्पेंड, बच्चे का सुराग नहीं मिला
मीनाक्षी जागलान आईआईएमटी न्यूज जसोला में खुले नाले में गिरे 15 वर्षीय मिथुन का सोमवार को तीसरे दिन भी सुराग नहीं मिलने पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सख्त रुख अपनाया। घटना पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने मुख्य सचिव को एक घंटे के भीतर जिम्मेदार अधिकारी को निलंबित करने का निर्देश दिया। इसके तुरंत बाद एमसीडी ने लाजपत नगर दक्षिण-पूर्वी जोन के जूनियर इंजीनियर अनुज कुमार को काम में लापरवाही के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। उधर, शनिवार से जारी तलाश के बावजूद बच्चे का पता नहीं चल सका है।15 वर्षीय मिथुन शनिवार को कटी पतंग के पीछे भागते समय खुले नाले में गिर गया था। हादसे के बाद से एनडीआरएफ समेत कई एजेंसियां उसकी तलाश में जुटी हैं। सोमवार तक अभियान जारी रहा, लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं मिला। घटना को लेकर स्थानीय लोगों में प्रशासन के खिलाफ गुस्सा है। मिथुन के परिजनों का आरोप है कि रेस्क्यू टीमों की ओर से तलाश में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई गई। इसी बेबसी में बच्चे के पिता खुद नाले के तेज और गंदे पानी में उतर गए और अपने बेटे को तलाशने की कोशिश की। हालांकि, एनडीआरएफ का कहना है कि तेज बहाव और आसपास घनी झाड़ियों के कारण बचाव अभियान में मुश्किल आ रही है।मुख्यमंत्री ने घटना पर दुख और नाराजगी जताते हुए स्पष्ट किया कि जनता की सुरक्षा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने मुख्य सचिव को जिम्मेदारी तय कर एक घंटे के भीतर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इसके बाद लाजपत नगर के उपायुक्त डॉ. सचिन गुप्ता ने जेई अनुज कुमार के निलंबन का आदेश जारी कर दिया।शनिवार दोपहर हादसे के बाद शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन सोमवार तक जारी रहा। एनडीआरएफ की टीम पानी के तेज बहाव और झाड़ियों के बीच बच्चे की तलाश कर रही है। परिवार और स्थानीय लोग अब भी मिथुन के मिलने की उम्मीद लगाए हुए हैं। हादसे ने खुले नालों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
