दिल्ली: यमुना बाढ़ से बेहाल परिवार, बच्चों की पढ़ाई पर संकट
रोशनी शंकर ग्रेटर नोएडा
दिल्ली में यमुना का बढ़ा जलस्तर एक बार फिर से कई परिवारों के लिए मुसीबत लेकर आया है। नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली के पुराना उस्मानपुर, गढ़ी मेंडू और बदरपुर खादर गांव सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। इन इलाकों में घरों के अंदर कई फीट कीचड़ जमा है, जिसे साफ करने में हफ्तों लग सकते हैं। बिजली सप्लाई भी अभी तक पूरी तरह से बहाल नहीं हो पाई है, जिससे लोगों को अंधेरे और असुविधा में दिन-रात गुजारने पड़ रहे हैं।
गांव की रहने वाली ममता ने बताया कि, यमुना का पानी इतनी तेजी से घरों में घुसा कि वे जरूरी सामान भी नहीं निकाल पाईं। बच्चों के स्कूल बैग और किताबें पानी में बह गईं। इस कारण बच्चों की पढ़ाई पर बुरा असर पड़ा है। रात में रोशनी और सुरक्षा की व्यवस्था न होने से परिवारों को अपनी बेटियों को रिश्तेदारों के पास भेजना पड़ा। स्थानीय महिला सारिका ने कहा कि बाढ़ हर साल घर का भारी नुकसान कर देती है। इस बार भी फ्रिज, एसी और एलईडी जैसे जरूरी सामान पानी में डूबकर खराब हो गए। “हर साल नया सामान खरीदना हमारे बस में नहीं है,” उन्होंने कहा। कबाड़ी का काम करने वाले सलीम शेख ने बताया कि उनका हजारों रुपये का जमा कबाड़ पानी में बह गया। वे 30 साल से यहां रह रहे हैं और अब तक कई बार बाढ़ की मार झेल चुके हैं।
फिलहाल प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों के लिए टेंट लगाए गए हैं, लेकिन पीने के पानी, शौचालय और रोशनी जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी बनी हुई है। ग्रामीणों की सबसे बड़ी मांग है कि उन्हें किसी सुरक्षित और स्थायी जगह पर बसाया जाए, ताकि उनके बच्चे हर साल इस संकट का सामना न करें।
