मुकदमा दायर होने पर नहीं बन पाएंगे अग्निवीर

अग्निवीर

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अनुराग दुबे : देश के लगभग 60 जिलों में अग्निपथ योजना को लेकर बवाल मचा हुआ है। दरअसल तीन दिन पहले केंद्र सरकार ने सेना भर्ती के लिए ‘अग्निपथ भर्ती योजना’ का एलान किया। इसके तहत युवाओं को चार साल की अवधि के लिए सेना में शामिल होने का मौका मिलेगा। भर्ती के लिए साढ़े 17 साल से 21 साल की आयु सीमा तय की गई है। हालांकि, इस साल उम्र सीमा में युवाओं को दो साल की छूट दी गई है। मतलब 2022 में होने वाली भर्ती में 23 साल तक के युवा भाग ले सकेंगे। 
चार साल के सेवाकाल के बाद 75 फीसदी सैनिकों को ड्यूटी से मुक्त कर दिया जाएगा वे लोग अग्निवीर कहलाएंगे। अधिकतम 25 फीसदी इच्छुक जवानों को सेना में आगे भी सेवा देने का मौका मिलेगा। यह तब होगा जब रिक्तियां होंगी। जिन जवानों को सेवा से मुक्त किया जाएगा, उन अग्निवीरों को सशस्त्र बल व अन्य सरकारी नौकरियों में वरीयता मिलेगी।

युवाओं का कहना है कि चार साल की नौकरी के बाद वह फिर बेरोजगार हो जाएंगे। इसलिए उन्हें पहले की तरह भर्ती का मौका दिया जाए। इसी को लेकर देशभर में बवाल मचा हुआ है। इस बीच, आर्मी, एयरफोर्स और नेवी के बड़े अफसरों ने कल एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें तीनों ने साफ कर दिया कि अगर किसी पर एफआईआर दर्ज है तो वह सेना में नौकरी हासिल नहीं व अग्निवीर नहीं बन पाएंगे। ऐसे लोग सेना भर्ती प्रक्रिया में भी शामिल नहीं हो पाएंगे। साथ ही सेना के अफसरों ने यह साफ श्पष्ट कर दिया कि अग्निपथ योजना है क्या, और अग्निपथ को लेकर फैलते अफवाहों को भी स्पष्ट कर दिया। इधर सुत्रों से पता चला है कि भाजपा आला कमान में यह विचार चल रहा है कि भाजपा के कार्यकर्ता और लगभग सभी वरिष्ट नेता अग्निपथ सेना भर्ती योजना को लेकर लोगों को समझाएंगे और जागरूक करने का प्रयास करेंगे।