हंगर स्ट्राइक खत्म करके वांगचुक क्यों बोले धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा जरूरी नहीं
मीनाक्षी आईआईएमटी न्यूज नीट पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में बढ़ते विरोध के बीच सरकार ने कई अहम फैसले और घोषणाएं कीं। इसी बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपने 26वें दिन अनशन समाप्त कर दिया। वांगचुक ने बताया कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, जितेंद्र सिंह से बातचीत के बाद, साथ ही 65 सांसदों के अनुरोध और संसद में परीक्षा प्रणाली पर चर्चा के आश्वासन के बाद उन्होंने यह फैसला लिया। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सोनम वांगचुक ने कहा कि सरकार कोई स्पष्ट आश्वासन नहीं दे सकी, लेकिन उनके लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता छात्रों का भविष्य और उनकी सुरक्षा थी। उन्होंने कहा कि लंबे अनशन से उनकी जान को खतरा था, जबकि आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए उनका जीवित रहना जरूरी है। साथ ही उन्होंने मासूम छात्रों पर एफआईआर न होने की मांग को सबसे अहम बताते हुए देशवासियों का समर्थन मिलने पर सभी का आभार व्यक्त किया।
