माइग्रेन को बढ़ावा देते हैं ये फैक्टर?

माइग्रेन

इस भागदौड़ और व्यस्ता भरी जिदंगी में कई लोग माइग्रेन से परेशान रहते हैं। माइग्रेन भी एक तरह के सिरदर्द का ही हिस्सा है,जो अहसनीय सिरदर्द ही है। वैसे तो ये सिर के आधे में हिस्से में होता है लेकिन ये कभी-कभी सिर के पूरे हिस्से में भी दर्द होता है। माइग्रेन एक ऐसी जटिल पीड़ा है जिसे होने पर कोई भी काम करने की इच्छा नहीं करता। बता दें कि यह साधारण सिरदर्द से पूरी तरह से अलग है,लेकिन कई लोग इसे आम सिरदर्द मानकर नजरअंदाज कर देते है। जिसके कारण बाद में काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। एक्सपर्ट का कहना है कि इसका का सटीक कारण अभी तक पूरी तरह से पता नहीं लग पाया है। माना जाता है कि माइग्रेन का हद तक जिम्मेदार खराब डाइट और खराब लाइफस्टाइल है। दरअसल ज्यादातर माइग्रेन होने का कारण स्ट्रेस, नींद की कमी, हद से ज्यादा काम, कम पानी पीने और टाइम से खाना न खाने की वजह से ट्रिगर होता है। जबकि कई लोगों में तो माइग्रेन का कारण जेनेटिक भी होता है। बता दें कि माइग्रेन किसी भी उम्र में हो सकता है। इसके कई स्टेज हैं, वहीं ध्यान न देने पर ये पूरे जीवनभर बना भी रह सकता है।


वैसे सिरदर्द तो बहुत ही आम बीमारी है,हम सबको सिरदर्द की कभी न कभी शिकायत होते ही रहती है। बर्त कंट्रोल पिल्स, ओवरडोज मेडिसीन और महिलाओं में इरेगुलर पीरियड्स और ज्यादातर स्मोक या कैफीन लेने से भी होता है। माइग्रेन होने के कई सारे लक्षण है जैसे में सिर के एक हिस्से में तेज दर्द होना,गुस्सा,चिड़चिड़ापन और आखों के सामने काले धब्बे दिखाई देना आदि हैं।


गौरतलब है कि माइग्रेन के गंभीरता को चार अलग-अलग स्टेजों में देखा जाता है,अगर 4 घंटे से 72 घंटे तक बना रहता है तो उसे सरदर्द कहते हैं और सबसे ज्यादा 24 घंटे से 48 घंटों तक बना रहता है उसे पोस्ट ड्रोम कहते हैं। माइग्रेन के उपाय से बचे भी जा सकते हैं उसके लिए हमें रोज 8-10 गिलास पानी जरूर पीएं, फल और हरी सब्जियां भी खूब खाएं,हर रोज आधे घंटे तक एक्सरसाइज,योग और प्राणायाम जरूर करें।