दिल्ली में 1 अक्टूबर से प्राइवेट शराब की दुकानों में लगेगा ताला, नई आबकारी नीति के तहत लिया गया फैसला

राजधानी दिल्ली में 1 अक्टूबर से सभी प्राइवेट शराब की दुकानें बंद कर दी जाएगी। आबकारी विभाग ने नई आबकारी नीति के तहत यह बड़ा फैसला लिया है। इनकी जगह नए सिरे से प्राइवेट दुकानों को लाइसेंस जारी किए जाएंगे। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा है कि पुरानी नीति के तहत इन दुकानों को धीरे-धीरे बंद करा जाएगा। सरकारी दुकानों में भी एक अक्टूबर से 16 नवंबर तक ही शराब की ब्रिकी होगी। अब दिल्ली में नई आबकारी नीति के तहत दुकानें खोली जाएंगी। राजधानी के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली को 32 जोन में बांटकर लाइसेंस आवंटन की प्रकिया समाप्त हो गई है। इसमें से 20 जोन्स में नीलामी हो चुकी है। अगले कुछ दिनों में बाकी बचे 12 जोन्स के लिए भी टेंडर प्रकिया पूरी कर दी जाएगी। सरकार को इस नई नीति के तहत लगभग दस हजार करोड़ रूपए का मुनाफा होगा।

शराब के लिए नए रिटेल लाइसेंस को 17 नवंबर से शुरू किया जाएगा। दिल्ली में अब देशी और विदेशी शराब की दुकानें किसी भी बाजार, मॉल या स्थानीय शॉपिंग कांपेलक्स में खोली जा सकेंगी। इन दुकानों के लिए कम से कम 500 वर्गमीटर की जगह जरूर होनी चाहिए। य़हीं नहीं शराब की ब्रिकी का काउंटर सड़क की तरफ नहीं होना चाहिए। अब दुकान के अंदर ही काउंटर लगाना होगा। कोई भी व्यक्ति दुकान से बाहर से शराब नहीं खरीद सकेगा,सीधे अंदर जाकर खरीदना होगा। इन सभी शराब दुकानों की सीसीटीवी से निगरानी की जाएगी। एयरपोर्ट जोन की दुकानें 24 घंटे खुली रहेंगी तो वहीं बाकी दुकानें सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक ही खुल सकेंगी। नई आबकारी नीति के तहत सरकार को प्रत्येक वर्ष 3200 करोड़ रूपए की कमाई होगी। डिप्टी सीएम ने आगे कहा कि इस नीति से ना सिर्फ सरकार की कमाई बढ़ेगी बल्कि अब एक्साइज की चोरी भी रूकेगी और दिल्ली सरकार को शराब माफियाओं पर नकेल कसने में मदद मिलेगी। दूसरी तरफ शराब दुकानदार एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेश गोयल ने दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल से आग्रह किया है कि हमारे धंधे को उजाड़ने की कोशिश ना करें अन्यथा इसके खिलाफ हमें न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा।

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