रोशनी शंकर
(ग्रेटर नोएडा) यमुना में बढ़ते जल स्तर को देखते हुए, यमुना के आस-पास के इलाकों में बाढ़ की चेतावनी दी गई है। बाढ़ के संकेतों को देखते हुए, हथिनीकुंड बैराज ( यमुना नदी पर बना एक कंक्रीट बैराज ) के सभी 18 गेटों को खोल दिया गया है।
केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) द्वारा रविवार को एक एडवाइजरी जारी कर, यह जानकारी दी गई है। एडवाइजरी में कहा गया है कि, दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर 19 अगस्त तक 206 मीटर तक पहुंचने की आशंका है, जो 205.33 मीटर के खतरे के निशान को पार कर सकता है। प्रशासन द्वारा, यमुना नदी के आस-पास के इलाके के लोगों को बाढ़ से संबंधित जानकारी दी जा रही है। और उन्हें सतर्क रहने की सलाह भी दी गई है।
बीते दो दिनों से हो रही बारिश ने भी बाढ़ की आशंका को बढ़ा दिया है। सीडब्ल्यूसी ने सभी संबंधित एजेंसियों से बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
आईए जानते हैं बाढ़ के दौरान कैसे करें बचाव!
- बाढ़ का पानी आते ही निचले इलाकों से तुरंत ऊँचे और सुरक्षित स्थान पर चले जाएँ।
- बिजली के खंभों, तारों और गिरे हुए पेड़ों से दूर रहें।
- नाव, रस्सी, ट्यूब या लकड़ी का सहारा लेकर सुरक्षित स्थान पर जाने की कोशिश करें।
- तेज़ बहाव वाले पानी को पार करने की कोशिश न करें, थोड़े गहरे पानी में भी तेज़ धारा खतरनाक हो सकती है।
- रेडियो/मोबाइल से सरकारी घोषणाओं पर ध्यान दें।

