यूपी में भीषण गर्मी, डिप्टी सीएम बोले- धूप में मत निकलिए: कई जिलों में पारा 46°C के पार, जू में जानवरों को दी जा रही राहत
रामशंकर, आईआईएमटी। उत्तर प्रदेश इन दिनों भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। प्रदेश के कई जिलों में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। दोपहर के समय सड़कें सूनी दिखाई दे रही हैं और लोग घरों में रहने को मजबूर हैं। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक तेज गर्मी और लू चलने की चेतावनी जारी की है।
प्रदेश की राजधानी लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, झांसी, आगरा और वाराणसी समेत कई शहरों में गर्म हवाओं ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। दोपहर ढाई बजे के आसपास तापमान 46°C के पार दर्ज किया गया। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। अस्पतालों में हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और चक्कर आने वाले मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है।
भीषण गर्मी को देखते हुए उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ने लोगों से अपील की है कि अत्यधिक जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलें। उन्होंने कहा कि दोपहर के समय धूप में निकलने से बचें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और बच्चों तथा बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। प्रशासन को भी निर्देश दिए गए हैं कि सार्वजनिक स्थानों पर पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
गर्मी का असर केवल इंसानों पर ही नहीं बल्कि पशु-पक्षियों पर भी दिखाई दे रहा है। लखनऊ और कानपुर के चिड़ियाघरों में जानवरों को गर्मी से बचाने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। जू प्रशासन द्वारा जानवरों के बाड़ों में लगातार पानी का छिड़काव किया जा रहा है। हाथी, बाघ, हिरण और भालू जैसे जानवरों को ठंडक पहुंचाने के लिए आइस ब्लॉक, ठंडे पानी और फलों की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है। कई जानवरों को पानी से नहलाया भी जा रहा है ताकि उन्हें राहत मिल सके।
सड़कों पर काम करने वाले मजदूर, रिक्शा चालक और डिलीवरी कर्मी सबसे ज्यादा प्रभावित नजर आ रहे हैं। कई जगहों पर सामाजिक संस्थाएं राहगीरों को पानी और शरबत वितरित कर रही हैं। नगर निगम की ओर से भी प्रमुख चौराहों पर पानी के टैंकर लगाए गए हैं।
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी और बुंदेलखंड क्षेत्र में लू का प्रभाव सबसे अधिक है। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि लोग हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें, सिर को ढककर रखें और बार-बार पानी पीते रहें। डॉक्टरों का कहना है कि तेज गर्मी में खाली पेट बाहर निकलना खतरनाक हो सकता है।
प्रदेश में गर्मी के बढ़ते प्रकोप ने लोगों की दिनचर्या बदल दी है। सुबह और शाम के समय ही बाजारों में हलचल दिखाई दे रही है, जबकि दोपहर में अधिकांश इलाके सुनसान नजर आते हैं। प्रशासन लगातार लोगों से सतर्क रहने और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां अपनाने की अपील कर रहा है।
