हर किसी को फायदा नहीं पहुंचाता है हल्दी वाला दूध, इन 5 लोगों को हो सकती है परेशानी

रोशनी शंकर ( ग्रेटर नोएडा )

हल्दी वाला दूध या गोल्डन मिल्क भारतीय घरों में लंबे समय से घरेलू औषधि के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा है। माना जाता है कि यह सर्दी-जुकाम से राहत दिलाता है, शरीर के दर्द को कम करता है और इम्यूनिटी बढ़ाता है। हल्दी में मौजूद करक्यूमिन कंपाउंड एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होता है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि यह हर किसी के लिए फायदेमंद नहीं है। कुछ स्वास्थ्य स्थितियों में यह दूध राहत देने के बजाय परेशानी बढ़ा सकता है।

किन लोगों को हल्दी वाले दूध से बचना चाहिए?

  1. गॉलब्लैडर की बीमारी वाले लोग

पित्त की पथरी या गॉलब्लैडर से जुड़ी समस्या होने पर हल्दी वाला दूध लेने से दर्द और असहजता और बढ़ सकती है।

  1. ब्लड थिनर दवाएं लेने वाले मरीज

हल्दी खून को पतला करने की क्षमता रखती है। ऐसे में यह दवाओं के असर को दोगुना कर सकती है और अधिक ब्लीडिंग का खतरा पैदा कर सकती है।

  1. एसिडिटी या गैस से परेशान लोग

कुछ लोगों को हल्दी से पेट में जलन, गैस या एसिड रिफ्लक्स की शिकायत बढ़ सकती है। GERD के मरीजों को इससे दूरी बनानी चाहिए।

  1. किडनी स्टोन के मरीज

हल्दी में ऑक्सालेट पाया जाता है, जो कैल्शियम के साथ मिलकर पथरी बनने की संभावना को बढ़ा देता है।

  1. डायबिटीज के मरीज

शुगर कंट्रोल करने वाली दवाओं के साथ हल्दी का असर ब्लड शुगर को जरूरत से ज्यादा घटा सकता है, जिससे हाइपोग्लाइसीमिया का खतरा हो सकता है।

हल्दी वाला दूध शरीर को कई फायदे देता है, लेकिन यह सभी लोगों के लिए उपयुक्त नहीं है। यदि आपको ऊपर बताई गई कोई भी समस्या है, तो इसे नियमित रूप से लेने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।

डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। किसी भी तरह की समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह लें।

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