जहरीली कफ सिरप ने छीनी 29 बच्चों की जान, WHO ने उठाए सवाल
प्रफुल्ल शर्मा (ग्रेटर नोएडा)
देश के दो सबसे बड़े राज्य राजस्थान और मध्यप्रदेश में 29 बच्चों की मौत जहरीली कफ सिरप पीने से हो गयी थी। अब इस मामले पर विश्व के सबसे बड़े स्वास्थ संगठन डब्ल्यूएचओ ने हस्तक्षेप कर भारत सरकार को ईमेल कर जवाब मांगा है। डब्ल्यूएचओ ने तीखे सवाल उठाते हुए पुछा है कि जब भारत से कफ सिरप का निर्यात इतने बड़े स्तर पर दुनिया के अधिकतम देशों में होता है तो उसकी गुणवत्ता में गलती कैसे हो सकती है। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार यह स्पष्ट किया गया है कि डब्ल्यूएचओ ने सरकार से ईमेल के माध्यम से पुछा है कि कोल्ड्रिफं नामक खांसी की सिरप के सेवन से जिन 29 बच्चों की मौत उन दवाओं की निगरानी क्यों नहीं रखी गयी थी।
वहीं दूसरी और विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा कि वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसी यहां के अधिकारियों से आधिकारिक पुष्टि मिलने के बाद कफ सिरप कोल्ड्रिफ, पर ‘ग्लोबल मेडिकल प्रोडक्ट्स अलर्ट’ जारी करने पर फैसला करेगी। एजेंसी घटिया और दूषित दवाओं के लिए ऐसे अलर्ट जारी करती है
WHO के कड़े सवालो के बाद मध्य प्रदेश ड्रग कंट्रोल विभाग ने शनिवार सुबह को तमिलनाडु में बनने वाली कोल्ड्रिफ़ कफ़ सिरप पर प्रतिबंध लगा दिया है। वहीं, शनिवार रात पुलिस ने सरकारी डॉक्टर प्रवीण सोनी, कफ़ सिरप बनाने वाली कंपनी श्रीसन फ़ार्मास्युटिकल्स के संचालकों और अन्य लोगों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की है।
कफ सिरप में जाँच के दौरान रिपोर्ट के मुताबिक़ पता चला की सिरप में 48.6 प्रतिशत डायथिलीन ग्लाइकॉल पाया गया। जो ज़हरीला रसायन है और सेहत के लिए घातक साबित हो सकता है. यह कफ़ सिरप तमिलनाडु स्थित श्रीसन फ़ार्मास्युटिकल कंपनी बनाती है।
