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थायरॉयड बढ़ने के मामलों में इजाफा, जानिए इसके कारण और प्रकार

रोशनी शंकर (ग्रेटर नोएडा)

आज के समय में थायरॉयड की समस्या बहुत आम होती जा रही है। यह एक हार्मोनल बीमारी है जो तब होती है जब गले में स्थित थायरॉयड ग्रंथि असंतुलित मात्रा में हार्मोन बनाने लगती है। यह ग्रंथि शरीर की ऊर्जा, वजन, तापमान और मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करती है। जब इसमें गड़बड़ी होती है, तो पूरा शरीर प्रभावित होता है।

थायरॉयड मुख्य रूप से तीन प्रकार का होता है। हाइपोथायरॉयडिज़्म, हाइपरथायरॉयडिज़्म, और घेंघा।
हाइपोथायरॉयडिज़्म में हार्मोन की कमी होती है जिससे वजन बढ़ना, सुस्ती, ठंड लगना और बाल झड़ने जैसी समस्याएँ होती हैं। हाइपरथायरॉयडिज़्म में हार्मोन की मात्रा बढ़ जाती है, जिसके कारण वजन घटता है, दिल की धड़कन तेज़ होती है और बेचैनी महसूस होती है। वहीं घेंघा में थायरॉयड ग्रंथि का आकार बढ़ने से गले में सूजन दिखने लगती है। विशेषज्ञों के अनुसार थायरॉयड बढ़ने के प्रमुख कारण हैं, आयोडीन की कमी या अधिकता, ऑटोइम्यून बीमारी, तनाव, हार्मोनल बदलाव, और अनुवांशिक कारण। इसके अलावा अनियमित दिनचर्या, गलत खानपान और नींद की कमी भी इसके जोखिम को बढ़ाते हैं।

स्वस्थ जीवनशैली, संतुलित आहार और नियमित जांच से इस बीमारी को नियंत्रित रखा जा सकता है। साथ ही, लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है ताकि समय रहते इलाज शुरू किया जा सके।

डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। किसी भी तरह की समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह लें।

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