कालकाजी मंदिर में सेवादार की पीट-पीटकर हत्या, CCTV फुटेज में कैद हुई बर्बर वारदात
रोशनी, आईआईएमटी न्यूज, ग्रेटर नोएडा
राजधानी दिल्ली का प्रसिद्ध कालकाजी मंदिर शुक्रवार देर रात दिल दहला देने वाली वारदात का गवाह बना। यहां प्रसाद और चुन्नी को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद देखते ही देखते इतना बढ़ गया कि दो युवकों ने मंदिर के सेवादार को बेरहमी से पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया। पूरी वारदात मंदिर परिसर में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई है।
मृतक सेवादार की पहचान 35 वर्षीय योगेश सिंह के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के रहने वाले थे। योगेश पिछले लगभग 14–15 वर्षों से कालकाजी मंदिर में सेवा कर रहे थे और मंदिर में श्रद्धालुओं को प्रसाद एवं चुन्नी उपलब्ध कराने का काम देखते थे।
पुलिस के अनुसार, शुक्रवार रात करीब 9:30 बजे कुछ युवक मंदिर पहुंचे और दर्शन करने के बाद योगेश से प्रसाद और सिर पर बांधने के लिए चुन्नी मांगी। योगेश ने उन्हें जवाब दिया कि “अभी प्रसाद उपलब्ध नहीं है, दो मिनट प्रतीक्षा करें।” इसी बात को लेकर विवाद खड़ा हो गया। युवकों ने धमकी देते हुए कहा कि “बाहर आओ, तुम्हें बताते हैं।”
थोड़ी देर बाद 10–15 युवक हाथों में लाठियां और सरिए लेकर मंदिर परिसर पहुंचे और योगेश को धर्मशाला से बाहर खींच लाए। इसके बाद उन्होंने योगेश पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। CCTV फुटेज में साफ दिखा कि दो युवक लगातार लाठियों से योगेश को पीटते रहे। इस दौरान योगेश बेसुध होकर जमीन पर पड़े थे और उनके शरीर में कोई हलचल नहीं थी। इसके बावजूद हमलावर बेरहमी से वार करते रहे।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि मंदिर परिसर में कई श्रद्धालु मौजूद थे, लेकिन किसी ने भी हमलावरों को रोकने की हिम्मत नहीं दिखाई। हमले के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।
स्थानीय लोगों ने एक हमलावर को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। उसकी पहचान दक्षिणपुरी निवासी 30 वर्षीय अतुल पांडे के रूप में हुई है। बाकी आरोपियों की पहचान की जा रही है और उनकी तलाश में छापेमारी जारी है।
गंभीर रूप से घायल योगेश को तुरंत एम्स ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1)/3(5) के तहत हत्या का मामला दर्ज किया है।
मंदिर के एक अन्य सेवादार राजू ने बताया कि आरोपी युवक पहले भी मंदिर आते थे और हर बार दबंगई दिखाते थे। उन्होंने कहा, “कल रात भी उन्होंने योगेश से प्रसाद मांगा। जब योगेश ने कहा कि अभी नहीं है, दो मिनट रुक जाइए, तो वे गुस्से में आ गए। थोड़ी देर बाद दर्जनों युवक लाठी-डंडों के साथ लौटे और योगेश को पीट-पीटकर मार डाला।”
यह वारदात केवल एक हत्या नहीं, बल्कि समाज और व्यवस्था के लिए एक बड़ा सवाल भी है। एक तरफ यह घटना बताती है कि धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था कितनी कमजोर है, वहीं दूसरी ओर यह भी सोचने पर मजबूर करती है कि दर्जनों श्रद्धालु मौके पर मौजूद होते हुए भी किसी ने हस्तक्षेप क्यों नहीं किया।
