राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला सुप्रीम कोर्ट पहुँचा, आरोपियों के बैंक खातों की जांच तेज

मीनाक्षी, आईआईएमटी न्यूज, अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला अब नया मोड़ ले चुका है। यह मामला अब देश की सर्वोच्च अदालत तक पहुंच गया है। इस बीच पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए जेल में बंद आठों आरोपियों के बैंक खातों की जांच शुरू कर दी है। मामले में आर्थिक लेन-देन की गहन पड़ताल की जा रही है, जबकि स्थानीय वकीलों और संत समाज की प्रतिक्रिया से विवाद और गहरा गया है।

सोमवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे पुलिस की टीम अयोध्या धाम स्थित भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) शाखा पहुंची, जहां गिरफ्तार आठ आरोपियों में से सात के बैंक खाते संचालित हैं। पुलिस ने सभी खातों के विस्तृत बैंक स्टेटमेंट हासिल किए हैं। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपियों के राम मंदिर में नौकरी शुरू करने के बाद उनके खातों में कितनी धनराशि जमा हुई और उसका स्रोत क्या था। पुलिस संदिग्ध लेन-देन और संभावित वित्तीय अनियमितताओं की भी जांच कर रही है।

उधर, इस मामले को लेकर अधिवक्ता अनूप अवस्थी ने सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर कर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग की है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इनकार करते हुए कहा कि इसमें इतनी जल्दबाजी की आवश्यकता क्या है। अदालत ने संकेत दिया कि न्यायालय की अवकाश अवधि समाप्त होने के बाद इस मामले पर सुनवाई की जाएगी।

जांच के क्रम में रविवार को राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव से भी पुलिस ने पूछताछ की। तीनों के बयान दर्ज किए गए। पूछताछ पूरी होने के बाद चंपत राय दिल्ली रवाना हो गए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि आवश्यकता पड़ी तो आरोपियों को रिमांड पर लेकर और पूछताछ की जा सकती है, जिससे पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा सकें।

इधर, अयोध्या के अधिवक्ताओं ने इस मामले को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि चढ़ावा चोरी के आरोपियों की ओर से कोई भी स्थानीय वकील अदालत में पैरवी नहीं करेगा। साथ ही अधिवक्ताओं ने चंपत राय, गोपाल राव और डॉ. अनिल मिश्रा से अयोध्या छोड़ने की मांग की। चेतावनी दी गई कि यदि उन्होंने ऐसा नहीं किया तो व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा।

गौरतलब है कि इस मामले में एफआईआर दर्ज होने के कुछ ही घंटों के भीतर पुलिस ने टिन्नू समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। 26 जून को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत ने सभी आरोपियों को तीन दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। उसी दिन राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि, अगले दिन ट्रस्ट की ओर से स्पष्ट किया गया कि इन इस्तीफों पर अंतिम निर्णय 11 जुलाई को प्रस्तावित ट्रस्ट बैठक में लिया जाएगा।

राम मंदिर जैसे अत्यंत संवेदनशील धार्मिक स्थल से जुड़े इस मामले पर पूरे देश की नजर बनी हुई है। पुलिस वित्तीय जांच, आरोपियों से पूछताछ और बैंक खातों की पड़ताल के आधार पर आगे की कार्रवाई की तैयारी कर रही है। वहीं, सुप्रीम कोर्ट में लंबित याचिका और ट्रस्ट की आगामी बैठक के फैसले इस मामले की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।

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