प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिला ओमान का राष्ट्रीय सम्मान, जानिए क्या है ‘ऑर्डर ऑफ ओमान’ ?
रोशनी शंकर (ग्रेटर नोएडा)
ओमान ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ ओमान’ से सम्मानित किया है। यह सम्मान उन्हें ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक ने राजधानी मस्कट स्थित अल बराका पैलेस में एक भव्य समारोह के दौरान प्रदान किया। प्रधानमंत्री मोदी इस सम्मान को पाने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं। यह उपलब्धि भारत और ओमान के बीच दशकों पुराने मित्रवत संबंधों को और मजबूत करने वाली मानी जा रही है।
‘ऑर्डर ऑफ ओमान’ ओमान का सबसे प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान है, जिसकी तुलना भारत के भारत रत्न से की जाती है। इसकी शुरुआत वर्ष 1970 में ओमान के पूर्व सुल्तान काबूस बिन सैद ने की थी। यह सम्मान उन विदेशी राष्ट्राध्यक्षों, राजाओं या प्रधानमंत्रियों को दिया जाता है, जिन्होंने ओमान के साथ गहरी मित्रता और सहयोग को बढ़ावा दिया हो। इससे पहले यह सम्मान ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय, दक्षिण अफ्रीका के नेता नेल्सन मंडेला और जापान के सम्राट जैसे वैश्विक नेताओं को मिल चुका है। इस सम्मान की संरचना भी अत्यंत भव्य है। इसमें सोने की भारी चेन (कॉलर), छाती पर लगाया जाने वाला छह कोनों वाला सितारा और कंधे से कमर तक पहनने वाला लाल-हरे रंग का पट्टा शामिल होता है। ये रंग ओमान के झंडे से लिए गए हैं, जो देश की बहादुरी, इतिहास और समृद्धि का प्रतीक माने जाते हैं। मेडल पर ओमान का राष्ट्रीय प्रतीक, दो तलवारें और एक खंजर भी अंकित होता है।
प्रधानमंत्री मोदी को यह सम्मान भारत, ओमान संबंधों को मजबूत करने में उनके योगदान के लिए दिया गया है। बीते वर्षों में दोनों देशों के बीच व्यापार, सुरक्षा सहयोग और रणनीतिक साझेदारी में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। यह सम्मान न केवल भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को दर्शाता है, बल्कि यह संकेत भी देता है कि ओमान भारत को एक भरोसेमंद और दीर्घकालिक साझेदार के रूप में देखता है।
