रामशंकर, आईआईएमटी न्यूज। प्रतीक यादव के आकस्मिक निधन के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के सौतेले भाई और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के सबसे छोटे बेटे प्रतीक यादव की मौत को लेकर अब कई सवाल उठने लगे हैं। समाजवादी पार्टी के विधायक रविदास मेहरोत्रा ने दावा किया है कि प्रतीक यादव के शरीर पर चोट के निशान पाए गए हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने किसी स्वतंत्र जज से जांच कराने की मांग भी उठाई है।
बुधवार सुबह प्रतीक यादव को लखनऊ के सिविल अस्पताल की इमरजेंसी में लाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, उन्हें सुबह करीब छह बजे अस्पताल पहुंचाया गया था। शुरुआती जानकारी में हार्ट अटैक की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन बाद में शरीर पर कथित चोट के निशानों की चर्चा के बाद मामला और गंभीर हो गया।
सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रतीक यादव पूरी तरह स्वस्थ और फिट थे। वे नियमित रूप से जिम जाते थे और स्वास्थ्य को लेकर सजग रहते थे। ऐसे में अचानक हुई मौत कई सवाल खड़े करती है। उन्होंने कहा कि परिवार और जनता के सामने सच्चाई आनी चाहिए, इसलिए निष्पक्ष जांच जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि आवश्यकता पड़े तो मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी या न्यायिक आयोग से कराई जानी चाहिए।
मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं भी सामने आ रही हैं। कुछ लोगों ने दावा किया कि प्रतीक यादव का शरीर नीला पड़ गया था, हालांकि बाद में इस बयान से दूरी बना ली गई। प्रतीक के करीबी दोस्त सुमित ने कहा कि उन्हें किसी गंभीर बीमारी की जानकारी नहीं थी। सुमित के मुताबिक, वे दोनों साथ में जिम जाते थे और प्रतीक सामान्य जीवनशैली जी रहे थे।
उधर, अपर्णा यादव के लखनऊ पहुंचने की भी जानकारी सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, वे दिल्ली से दोपहर की फ्लाइट से लखनऊ आ रही हैं। उनके पहुंचने के बाद ही शव से जुड़ी आगे की औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। अस्पताल और प्रशासनिक सूत्रों ने बताया कि परिवार की मौजूदगी में पोस्टमार्टम और अन्य प्रक्रियाओं पर फैसला लिया जाएगा।
प्रतीक यादव के निधन पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने दुख जताया है। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने इसे अत्यंत दुखद बताते हुए परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति दें और परिवार को इस कठिन समय में संबल प्रदान करें।
वहीं अवधेश प्रसाद ने भी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि प्रतीक यादव का निधन बेहद पीड़ादायक है। उन्होंने परिवार को यह दुख सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की। समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भी शोक का माहौल है। बड़ी संख्या में लोग यादव परिवार के आवास पर पहुंच रहे हैं।
प्रतीक यादव सक्रिय राजनीति से दूर रहते थे, लेकिन सामाजिक और पारिवारिक दायरे में उनकी अलग पहचान थी। वे अक्सर सार्वजनिक कार्यक्रमों में कम ही दिखाई देते थे। उनके अचानक निधन से यादव परिवार को गहरा आघात पहुंचा है।
फिलहाल पुलिस और मेडिकल टीम पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारणों को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। वहीं विपक्ष और सपा नेताओं की ओर से उठाई गई जांच की मांग के बाद यह मामला राजनीतिक रूप से भी संवेदनशील बनता जा रहा है।

