मोदी सरकार का जीएसटी मास्टरस्ट्रोक – नवरात्रि से बदलेगा टैक्स ढांचा, आसान होगी जिंदगी…

प्रफुल्ल शर्मा (ग्रेटर नोएडा):

जीएसटी परिषद की 53वीं बैठक में माल एवं सेवा कर (जीएसटी) की चार स्लैब (5%, 11%, 18% और 28%) घटाकर केवल दो कर स्लैब लागू किए गए हैं। बुधवार को करीब साढ़े दस घंटे चली बैठक के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि यह सुधार आम आदमी को ध्यान में रखकर किया गया है। रोजमर्रा की जरूरी चीजों पर राहत दी गई है। इन सामानों पर अब 0% जीएसटी लगेगा – छेना, पनीर, पिज्जा ब्रेड, खाखरा, चपाती/रोटी, पराठा, दुर्लभ रोगों की दवाएं, व्यक्तिगत स्वास्थ्य और जीवन बीमा।

कार और बाइक के दाम होंगे सस्ते…

वित्त मंत्री ने कहा कि जिन कारों और मोटरसाइकिलों की क्षमता 350 सीसी या उससे कम है, उन पर जीएसटी 28% से घटाकर 18% कर दिया गया है। बसों, ट्रकों और एम्बुलेंस पर भी जीएसटी 28% से घटाकर 18% कर दिया गया है। सभी ऑटो पार्ट्स पर 18% की एक समान दर लागू होगी। तिपहिया वाहनों पर भी टैक्स 28% से घटकर 18% कर दिया गया है। बैठक में 28% स्लैब में आने वाली कई गाड़ियों के दामों में कमी का रास्ता साफ हो गया। हालांकि लग्जरी और प्रीमियम कार खरीदारों को ज्यादा जीएसटी देना होगा, क्योंकि इन्हें 40% श्रेणी में रखा गया है। इससे छोटी गाड़ियों जैसे मारुति सुजुकी ऑल्टो, हुंडई ग्रैंड i10 और टाटा टियागो की कीमतों में 8–10% तक गिरावट आएगी। पांच से सात लाख तक की गाड़ियों पर अब लगभग ₹70,000 तक सस्ती होने का अनुमान है।

नवरात्रि से मिलेगी राहत…

सीतारमण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि नए स्लैब नवरात्रि के पहले दिन यानी 22 सितंबर 2025 से लागू होंगे। 5% जीएसटी वाले उत्पाद: नमकीन, भुजिया, सॉस, पास्ता, इंस्टेंट नूडल्स, चॉकलेट, कॉफी, संरक्षित मांस, कॉर्नफ्लेक्स, मक्खन और घी। 18% जीएसटी वाले उत्पाद (पहले 28%): एयर कंडीशनर, 32 इंच से बड़े सभी टीवी, डिशवॉशिंग मशीनें, छोटी कारें, 350 सीसी तक की मोटरसाइकिलें। इसके अलावा 33 जीवन रक्षक दवाओं और औषधियों पर जीएसटी 12% से घटाकर शून्य कर दिया गया है। कई दवाओं की दरें 12% से घटकर 5% हो गई हैं। दृष्टि सुधार के लिए चश्मे और गॉगल्स पर भी जीएसटी 28% से घटकर 5% कर दिया गया है।

पीएम मोदी बोले आम लोगों की जिंदगी होगी आसान

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक्स पर लिखा कि स्वतंत्रता दिवस भाषण के दौरान उन्होंने जीएसटी में अगली पीढ़ी के सुधार लाने का वादा किया था। केंद्र सरकार ने व्यापक जीएसटी दरों को सरल बनाने और प्रक्रियागत सुधारों के लिए प्रस्ताव तैयार किया था, जिसका उद्देश्य आम आदमी की जिंदगी आसान बनाना और अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि जीएसटी परिषद में केंद्र और राज्यों ने मिलकर इन सुधारों को मंजूरी दी है, जिससे किसानों, एमएसएमई, मध्यम वर्ग, महिलाओं और युवाओं को सीधा लाभ होगा।

वहीं दूसरी तरफ जिन सामान के रेट कम होने जा रहे है। इससे वित्त मंत्रालय पर से 85,000 करोड़ का घाटा होने वाला है। लेकिन दूसरी और  तंबाकू उत्पादों से और नशीली पदार्थों पर 40% कर स्लैब लगने के कारण सरकार को 43,000 करोड़ की रिकवरी भी होगी ।

About Post Author