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याददाश्त कमजोर होने के मामले बढ़े, विशेषज्ञों ने बताए मुख्य कारण, लोगों में बढ़ती चिंता

रोशनी शंकर (ग्रेटर नोएडा)

आज की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी में एक बात सबसे ज़्यादा देखने को मिल रही है—लोग छोटी-छोटी बातों को याद नहीं रख पा रहे। काम के दौरान ध्यान भटक जाना, किसी का नाम भूल जाना या अभी कही बात कुछ ही मिनटों में याद न रहना अब सामान्य शिकायत बन चुकी है। पहले इसे उम्र का असर माना जाता था, लेकिन अब युवा और यहां तक कि छात्र भी इस परेशानी का सामना कर रहे हैं। यही वजह है कि याददाश्त कमजोर होना अब एक गंभीर जीवनशैली समस्या के रूप में उभर रहा है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि याददाश्त कमजोर होने के पीछे शरीर और दिमाग दोनों का समान योगदान होता है। तेज रफ्तार जीवनशैली में तनाव बढ़ जाना, नींद पूरी न होना और लगातार मानसिक थकान दिमाग की कार्यक्षमता को कम कर देते हैं। वहीं, शरीर में विटामिन B12, आयरन और ओमेगा-3 की कमी होने पर दिमाग को पर्याप्त पोषण नहीं मिल पाता, जिससे मेमोरी प्रभावित होती है। इसके अलावा हार्मोनल असंतुलन, थायरॉयड और शारीरिक कमजोरी को भी इस समस्या का प्रमुख कारण माना जाता है।

विशेषज्ञों की सलाह है कि यदि भूलने की आदत बढ़ने लगे, तो व्यक्ति को तुरंत अपनी दिनचर्या पर ध्यान देना चाहिए। पर्याप्त नींद लेना, संतुलित भोजन अपनाना, पानी की मात्रा बढ़ाना और दिमाग को सक्रिय रखने वाली गतिविधियाँ—जैसे ध्यान, पज़ल गेम, मेमोरी एक्सरसाइज और नई चीज़ें सीखने की आदत—याददाश्त को मजबूत करने में प्रभावी मानी जाती हैं। जरूरत पड़ने पर Vitamin B12, Thyroid और Hemoglobin जैसी जांच कराना भी उपयोगी रहेगा।

डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सामान्य जागरूकता के उद्देश्य से लिखा गया है। किसी भी तरह की समस्या या लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।

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