कान्हा के स्वागत को सज रही मथुरा, दिव्य और भव्य होगा नजारा
मुस्कान शाक्य, IIMT, ग्रेटर नोएडा
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर कान्हा के स्वागत को लेकर मथुरा सजने-संवरने में जुटी है। नगर निगम ने सड़कों, चौराहों, मंदिरों और ऐतिहासिक स्थलों को फसाड लाइटों व वॉल पेंटिंग से सजाने की योजना बनाई है। रात्रि के समय शहर का दृश्य दिव्य और भव्य होगा। श्रद्धालुओं के लिए विशेष इंतजाम, सफाई, पेयजल, सुरक्षा और सुविधा केंद्रों की स्थापना की जा रही है। वृंदावन के सप्त देवालयों और यमुना के घाट भी विशेष साज-सज्जा से आलोकित होंगे।
मथुरा के नगर निगम ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि की ओर जाने वाले सभी मार्गों को सजाने में पूरी ताकत झोंक दी है। बुधवार को नगर निगम कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में महापौर विनोद अग्रवाल और नगर आयुक्त जगप्रवेश ने तैयारियों का विस्तृत ब्यौरा दिया। उन्होंने बताया कि शहर की प्रमुख सड़कों पर वॉल पेंटिंग के जरिए ब्रज संस्कृति, श्रीकृष्ण लीला और धार्मिक प्रसंगों को उकेरा जा रहा है।
फसाड लाइटें और हेरिटेज लाइटें लगाकर ऐतिहासिक इमारतों और मंदिरों को नई आभा देने की योजना है। कई मार्गों पर अस्थायी लाइटिंग की जा रही है, ताकि रात्रि में आने वाले श्रद्धालु उजाले में सुंदर दृश्य का आनंद ले सकें। बिजली आपूर्ति बाधित न हो, इसके लिए जेनरेटर की व्यवस्था भी की गई है।
बाहर से आने वाले भक्तों के स्वागत के लिए भव्य स्वागत द्वार बनाए जाएंगे। जन्मभूमि के मार्गों पर पड़ने वाले पेड़ों को लाइटों की झालरों से सजाया जाएगा। नगर निगम ने 300 से अधिक सफाई मित्र तैनात करने का निर्णय लिया है, साथ ही अतिरिक्त कूड़ा वाहन भी लगाए जाएंगे।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दो कैंप कार्यालय, तीन खोया-पाया केंद्र और दो प्रसाद वितरण केंद्र जन्मभूमि के पास ही स्थापित होंगे। जन्मभूमि की ओर जाने वाले मार्गों पर पेचवर्क कर सड़कें भी दुरुस्त की जा रही हैं।
वृंदावन के सप्त देवालय — श्रीगोविंददेवजी, श्रीमदनमोहनजी, श्रीराधारमणजी, श्रीगोपीनाथ जी, श्रीराधावल्लभ जी, श्रीराधाश्यामसुंदरजी और श्रीराधादामोदर दासजी — को भी विशेष साज-सज्जा से सजाया जाएगा।
यमुना के नाभा घाट, बिहार घाट, कोयलिया घाट और केशी घाट पर लाइटिंग और फूलों की सजावट की जाएगी, जिससे घाटों का दृश्य मनमोहक हो उठे।
नगर निगम ने साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देते हुए विशेष सफाई अभियान चलाने का निर्णय लिया है। साथ ही, पेयजल की निर्बाध आपूर्ति के लिए अतिरिक्त टैंकर और वाटर प्वाइंट लगाए जा रहे हैं। भीड़ के समय जल संकट न हो, इसके लिए जनरेटर से चलने वाले पंप भी लगाए जाएंगे।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए टोल-फ्री नंबर 1533 और 14420 जारी किए गए हैं। किसी भी समस्या पर श्रद्धालु इन नंबरों पर संपर्क कर शिकायत दर्ज करा सकेंगे।
नगर निगम ने एक कंट्रोल रूम भी स्थापित किया है, जो 24 घंटे कार्यरत रहेगा। यहां से ट्रैफिक, सफाई, सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं की निगरानी होगी।
जन्माष्टमी पर लाखों श्रद्धालुओं के मथुरा और वृंदावन आने की संभावना है। भीड़ प्रबंधन के लिए यातायात पुलिस और नगर निगम ने संयुक्त योजना बनाई है। इनमें प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग, भीड़ को दिशा देने के लिए मार्ग संकेतक, सीसीटीवी कैमरे से निगरानी, मेडिकल टीम और एम्बुलेंस की तैनाती आदि। नगर आयुक्त जगप्रवेश ने अपील की है कि शहर के लोग साफ-सफाई और यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग दें। उन्होंने कहा, “जन्माष्टमी पर मथुरा का नजारा अद्वितीय होगा। इस आयोजन को सफल बनाने में हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है।”
जन्माष्टमी की रात मथुरा और वृंदावन रोशनी के नगर बन जाएंगे। मंदिरों से उठती घंटियों की ध्वनि, लाइटों की जगमगाहट, रंग-बिरंगी वॉल पेंटिंग और सजावट से सजे रास्ते श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक आनंद देंगे।
कान्हा की नगरी इस बार केवल परंपरा ही नहीं, बल्कि आधुनिक रोशनी और व्यवस्था का भी अनूठा उदाहरण पेश करने जा रही है।
