मीनाक्षी आईआईएमटी न्यूज दिल्ली के सरकारी अस्पतालों के औषधि केंद्रो पर सस्ती दवाइयां के लिए मरीज को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। दिव्यांग और गंभीर रूप से मरीज लोगों के लिए अलग काउंटर न होने की व्यवस्था पर सवाल उठाए जा रहे हैं। दिल्ली के सरकारी अस्पतालों के जन औषधि केंद्र, मरीज को 50 से 90 प्रतिशत काम तक की कीमत पर दवाइयां मिलन राहत के साथ परेशानी का कारण बन रहा है। इन दवाइयों को लेने के लिए मरीजों के परिजनों को लंबी कतार और लंबे इंतजार का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों, महिलाओं,और दिव्यांग जनों को उठानी पड़ रही है। लोगों का दावा है कि लाठी के सहारे चलने वाले बुजुर्गों दिव्यांग जनों को भी लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। उनके लिए किसी अलग काउंटर की व्यवस्था या किसी अलग कतार की व्यवस्था नहीं की गई है। दवाई लेने से पहले मरीज को एक पर्ची जमा करनी पड़ती है, जिसके बाद आधे या एक घंटे बाद नाम पुकारा जाता है। जब तक मरीज किसी दीवार का सहारा लेकर बैठा रहता है वही परिजन दवाई के लिए कतार में इंतजार कर रहा होता है। वही कोई बुजुर्ग या दिव्यांग अकेला होता है उनके लिए कोई अलग से व्यवस्था नहीं है। ऐसे में मरीजों और परिजनों की मांग है कि ऐसी व्यवस्था को बदलने की जरूरत है।
दिल्ली के औषधि केंद्र पर सस्ती दवाइयां के लिए लंबी कतार

