बाजार में आया केमिकल वाला घी, ग्राहक रहे सतर्क

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अनुराग दुबे :खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने नकली घी बनाने की फैक्टरी का भंडाफोड़ किया है। अधिकारियों का दावा है कि नकली घी तैयार करने में वनस्पति, रिफाइंड और गुर्दों को नुकसान पहुंचाने वाले केमिकल का प्रयोग किया जा रहा था। ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर नकली उत्पाद बनाने में दो आरोपियों को पुलिस हिरासत में भी लिया है। मामले में कंपनियों की ओर से खोड़ा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है।
तीन ब्रांडेड कंपनियों की शिकायत पर खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने नकली घी और मक्खन बनाने वालों पर शिकंजा कसा। विभाग की टीमें तीन दिन पहले से नकली ग्राहक बनकर सप्लायर ऑर्डर देकर घी तैयार कराती रहीं। इसके बाद मंगलवार को खोड़ा कॉलोनी में सबसे पहले सप्लायर के यहां विभाग ने पुलिस के साथ छापेमारी की। वंदना एंक्लेव में नीरज नाम के सप्लायर के यहां छापा मारकर घी की तीन पेटी और तीन नकली मक्खन की तीन पेटी बरामद कीं। नीरज से मिली सूचना पर विभाग की टीमें अनिल विहार क्षेत्र में घी की दुकान पर पहुंचीं। ब्रांडेड कंपनी के नकली घी के पैकेट अधिकारियों ने बरामद किए और दो नमूनों को जांच के लिए इक्ट्ठा किया। दुकान मालिक कैलाश को पुलिस हिरासत में दिया गया। इसके बाद विशाल डेरी पनीर और खोये के नमूने भी जांच के लिए अधिकारियों ने लिए।

सप्लायरों के यहां छापे में मिली जानकारी के बाद अधिकारी खोड़ा विहार में चल रही नकली घी की फैक्टरी पर पहुंचे। यहां से नकली घी बनाने में प्रयोग होने वाला 390 किलो रिफाइंड 5100 किलो वनस्पति घी , ब्रांडेड कंपनियों के रैपर, सिलिंडर, गैस चूल्हा, पैकिंग मशीनें, खाली डिब्बे बरामद किए। मौके से रंजीत नाम के आरोपी को पुलिस ने हिरासत में लिया है। अधिकारियों ने फैक्टरी को सील कर दिया। राजीव विहार में राजकुमार नाम के व्यक्ति के मकान से अधिकारियों ने मक्खन का नमूना लिया और तीन पेटी मक्खन को नकली होने के संदेह में जब्त कर लिया।
य़े कारनामा बहुत पहले से चल रहा है। प्रशासन के कारवाई में कई क्वींटल घी पकडा गया।