विरोधियों के दमन की पहचान है आपातकालः विधायक पंकज सिंह

राजतिलक शर्मा

(ग्रेटर नोएडा) भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार को आपातकाल दिवस पर पटवारी का बाग गांव में एक संगोष्ठी का आयोजन किया। जिसमें मुख्य अतिथि नोएडा विधायक व प्रदेश उपाध्यक्ष पंकज सिंह व विशिष्ठ अतिथि क्षेत्रीय उपाध्यक्ष मानसिंह गोस्वामी, दादरी विधायक मास्टर तेजपाल नागर और जिलाध्यक्ष अभिषेक शर्मा ने आपातकाल को लेकर अपने विचार रखे। कार्यक्रम की अध्यक्षता आपातकाल लोकतंत्र सेनानी  किशन लाल पाराशर ने की। पंकज सिंह ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में 1975 का आपातकाल एक ऐसा काला अध्याय है, जिसे कोई भूल नहीं सकता। नागरिक अधिकारों का हनन, प्रेस पर सेंसरशिप और विरोधियों का दमन, उस दौर की पहचान थी। पहले नेहरू ने 1951 में प्रेस की आजादी पर अंकुश लगाने की कोशिश की, फिर आपातकाल के दौरान इंदिरा गांधी ने प्रेस की आजादी , विपक्ष की की आवाज को दबाने का काम किया अभिव्यक्ति की आज़ादी को जंजीरों में जकड़ दिया गया।

ऐसा ही कुछ 1988 में राजीव गांधी ने भी किया था और वर्तमान में भी कांग्रेस ऐसा ही कर रही है।मतलब साफ है कि कांग्रेस मीडिया की स्वतंत्रता से डरती है और बार-बार उसपर लगाम लगाने की कोशिश करती रही है।

इस अवसर पर मुख्य रूप से जिला पूर्व जिलाध्यक्ष  विजय भाटी, महामंत्री दीपक भारद्वाज, धर्मेन्द्र कोरी, जिला उपाध्यक्ष सतेन्द्र नागर, देवा भाटी, पवन नागर,  वीरेन्द्र भाटी, रवि जिन्दल, कर्मवीर आर्य, महेन्द्र नागर,  अर्पित तिवारी, धीर राणा, राजीव सिंघल,  सुधीर कौशिक, अरुण प्रधान, अमन कौशिक,  ओमकार भाटी, मुकेश चौहान, अशोक रावल, मनवीर नागर, सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ गांव के लोग उपस्थित रहे।  

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