नोएडा सेक्टर-73 में भीषण आग, सर्फाबाद यदु पब्लिक स्कूल के पास प्राइवेट फ्लैट जलकर खाक, इलाके में अफरा-तफरी
रोशनी, ग्रेटर नोएडा।
नोएडा के सेक्टर-73 स्थित सर्फाबाद गांव में सोमवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब यदु पब्लिक स्कूल के पास बने एक प्राइवेट अपार्टमेंट में अचानक भीषण आग लग गई। आग की लपटें और धुएं का गुबार देखते ही देखते पूरे इलाके में फैल गया, जिससे आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। हादसे में कई फ्लैट पूरी तरह जल गए और लाखों रुपये का सामान खाक हो गया। गनीमत रही कि समय रहते लोगों को बाहर निकाल लिया गया, जिससे किसी की जान जाने की खबर नहीं है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना सोमवार दोपहर करीब 2:30 बजे की है। आग लगने की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। बताया जा रहा है कि “आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट प्रतीत हो रहा है, हालांकि सटीक वजह की जांच की जा रही है। आग में 8 से 10 फ्लैट प्रभावित हुए हैं, जिनमें रखा फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक सामान और कपड़े पूरी तरह जल गए।”
दमकल विभाग के साथ पुलिस टीम ने भी मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया। इमारत में मौजूद सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। आग की लपटों को देखकर पास के यदु पब्लिक स्कूल में पढ़ रहे बच्चों को भी सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया। पुलिस ने प्रभावित इलाके को घेरकर भीड़ को दूर किया, ताकि बचाव कार्य में कोई बाधा न आए।
अधिकारियों के मुताबिक, आग में लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया है। कई परिवारों के महत्वपूर्ण दस्तावेज, जेवर और निजी सामान भी इस आग की भेंट चढ़ गए। फिलहाल प्रशासन ने पीड़ितों को अस्थायी रूप से पास के एक कम्युनिटी सेंटर में ठहराने की व्यवस्था की है।
प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने की मुख्य वजह माना जा रहा है। इलाके में आए दिन बिजली की तारों में लोड बढ़ने की शिकायतें मिलती रही हैं। कई इमारतों में पुराने और अव्यवस्थित बिजली कनेक्शन होने के कारण इस तरह के हादसे की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोग लंबे समय से बिजली व्यवस्था के आधुनिकीकरण की मांग कर रहे हैं।
घटना की जानकारी मिलते ही नोएडा अथॉरिटी और बिजली विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। एडीएम सिटी ने कहा, “पीड़ित परिवारों की मदद के लिए जिला प्रशासन हर संभव प्रयास करेगा। साथ ही, आग लगने के कारणों की विस्तृत जांच कराई जाएगी। जिन इमारतों में बिजली के पुराने कनेक्शन और ओवरलोडिंग की समस्या है, वहां तुरंत तकनीकी जांच की जाएगी।”
इलाके के लोगों ने बताया कि यहां कई प्राइवेट फ्लैट बिना उचित अग्निशमन व्यवस्था के बनाए गए हैं। न तो फायर हाइड्रेंट की सुविधा है और न ही आपातकालीन निकासी मार्ग का रखरखाव किया जाता है। लोगों ने मांग की कि प्रशासन इस तरह की इमारतों की जांच कर कार्रवाई करे, ताकि भविष्य में ऐसे हादसे न हों।
थाना सेक्टर-49 पुलिस प्रभारी ने लोगों से अपील की है कि हादसे के समय भीड़ न लगाएं और राहत कार्य में बाधा न डालें। साथ ही, उन्होंने बिजली के उपकरणों के सुरक्षित उपयोग और समय-समय पर वायरिंग की जांच कराने की सलाह दी।
सेक्टर-73 की यह घटना एक बार फिर शहरी इलाकों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। नोएडा जैसे विकसित शहर में भी अगर इमारतों में बुनियादी सुरक्षा इंतजाम न हों, तो इस तरह की घटनाएं बार-बार हो सकती हैं। फिलहाल प्रशासन और दमकल विभाग ने जांच शुरू कर दी है और पीड़ितों को राहत पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
