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आईआईएमटी में गूंजे अल्फ़ाज़, विराट कवि सम्मेलन में कवियों ने बांधा समां

प्रफुल्ल शर्मा (ग्रेटर नोएडा)

नोलेज पार्क स्थित आईआईएमटी ग्रुप ऑफ कॉलेज में सोमवार को “अल्फ़ाज़ों का जश्न” नामक विराट कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। मंच पर देशभर के प्रख्यात कवि अपनी कविताओं और शेरो-शायरी से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर रहे थे, तो दर्शकदीर्घा तालियों, ठहाकों और वाह-वाह से गूंज उठी।

कार्यक्रम की शुरुआत प्रसिद्ध कवि सतलज राहत इंदौरी ने अपने जादुई अंदाज़ में की। उन्होंने कहा की—
“शेर कहता हूँ, तो दरिया भी रुक जाते हैं,
मेरे अल्फ़ाज़ों से मौसम बदल जाते हैं।”
उनकी ओजपूर्ण पंक्तियों ने छात्रों और शिक्षकों में नई ऊर्जा भर दी।

इसके बाद मंच पर आए संजय खत्री बेटमा। उन्होंने हास्य और व्यंग्य की बौछार कर दी। बचपन से जुड़े किस्से सुनाते हुए उन्होंने कहा की —
“रंग-रूप मायने नहीं रखते,
सांवले रंग के लोगों ने दुनिया में बड़ा नाम और काम किया है।”
उनकी बातों पर पूरा हाल ठहाकों से गूंज उठा।

नीर गोरखपुरी ने अपने अंदाज़ में जिंदगी और संघर्ष की झलक दिखाई। उन्होंने पढ़ा—
“आंधियों से कह दो कि अब रुख बदल लें,
दीपकों ने ठान लिया है रात से लड़ने का।”
उनकी रचनाओं ने युवाओं को संकल्प और संघर्ष का संदेश दिया।

मंच पर आए कुमार संभव, जिन्होंने प्रेम और अध्यात्म का रंग घोला। उन्होंने नवरात्रि का संदर्भ जोड़ते हुए कहा—
“प्रेम ही पूजा है, भक्ति ही साधना,
दोनों मिल जाएं तो जीवन हो जाता है पूर्ण।”
श्रोताओं ने इसे तालियों से सराहा।

सुरेंद्र ‘सर्किट’ ने व्यंग्य और तंज की धार से माहौल को हल्का-फुल्का बना दिया। उन्होंने कहा—
“नेताओं की बातें अब जनता समझ चुकी है,
मंच पर जो कहते हैं, सड़क पर वैसा करते नहीं।”
उनके व्यंग्य पर दर्शक देर तक हंसते रहे।

डॉ. प्रशांत देव ने सामाजिक मुद्दों को उठाते हुए भावनात्मक कविता पढ़ी—
“जिस घर में बेटियां हंसती नहीं,
वो आंगन कभी चांदनी से जगमगाता नहीं।”
उनकी पंक्तियों ने श्रोताओं को भावुक कर दिया।

नमिता नमन ने स्त्री संवेदनाओं और उम्मीदों को शब्द दिए। उन्होंने पढ़ा—
“औरत को मत समझो कमज़ोर परछाई,
वो तो सूरज है, हर अंधेरे को मिटा सकती है।”
उनकी आवाज़ ने छात्राओं में विशेष उत्साह भरा।

इस मौके पर भाजपा प्रवक्ता शुभेंदु अवस्थी और कांग्रेस प्रवक्ता प्रभात कुमार मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। वहीं कॉलेज परिवार से डायरेक्टर डॉ हर्षित सिंहा, जनसंचार एवं पत्रकारिता विभाग के डीन प्रो विकास मिश्रा, एचओडी वैभव उपाध्याय, डिप्टी एचओडी इशिता अरोड़ा और आईआईएमटी न्यूज हेड डॉ. रामशंकर विद्यार्थी समेत सभी शिक्षकगण व स्टाफ मौजूद रहे।

कार्यक्रम के अंत में डीन विकास मिश्रा, डिप्टी एचओडी इशिता अरोड़ा और डॉ. रामशंकर ने सभी कवियों और अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया।

यह कवि सम्मेलन न केवल हंसी-ठिठोली और भावनाओं का संगम बना, बल्कि छात्रों में साहित्यिक चेतना और अभिव्यक्ति की नई ऊर्जा भी भर गया।

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