डॉ रामशंकर, आईआईएमटी न्यूज। पश्चिम बंगाल की चर्चित फालता विधानसभा सीट पर दोबारा मतदान से ठीक पहले बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) उम्मीदवार जहांगीर खान ने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया है। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि वे इलाके में शांति और विकास चाहते हैं, इसलिए खुद को चुनाव से अलग कर रहे हैं। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब 21 मई को फालता सीट पर दोबारा मतदान होना है।
फालता सीट पर 29 अप्रैल को दूसरे चरण में मतदान हुआ था, लेकिन कई बूथों पर EVM में गड़बड़ी की शिकायतें सामने आईं। भाजपा ने आरोप लगाया कि कुछ मशीनों में भाजपा के चुनाव चिन्ह वाले बटन पर टेप चिपका दिया गया था, जिससे वोटिंग प्रभावित हुई। विवाद बढ़ने के बाद चुनाव आयोग ने मामले का संज्ञान लेते हुए दोबारा मतदान कराने का फैसला किया। नतीजे 24 मई को घोषित किए जाएंगे।
चुनाव से हटने के ऐलान के दौरान जहांगीर खान ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari की तारीफ भी की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री फालता के विकास के लिए विशेष पैकेज दे रहे हैं और वे चाहते हैं कि क्षेत्र में शांति बनी रहे। वहीं मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पलटवार करते हुए कहा कि जहांगीर के पास चुनाव मैदान छोड़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था, क्योंकि उन्हें पोलिंग एजेंट तक नहीं मिल रहे थे।
दूसरी ओर All India Trinamool Congress ने स्पष्ट किया कि जहांगीर खान का फैसला व्यक्तिगत है, पार्टी का नहीं। पार्टी ने आरोप लगाया कि चुनाव नतीजों के बाद उसके कई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया और भाजपा दबाव की राजनीति कर रही है। हालांकि TMC ने यह भी माना कि कुछ लोग दबाव में आकर मैदान छोड़ रहे हैं।
फालता सीट राजनीतिक रूप से बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि यह डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है, जिसका प्रतिनिधित्व Abhishek Banerjee करते हैं। जहांगीर खान को अभिषेक बनर्जी का करीबी माना जाता है। चुनाव प्रचार के दौरान जहांगीर ने खुद को फिल्म Pushpa: The Rise के किरदार ‘पुष्पा’ की तरह पेश किया था और कई सभाओं में “पुष्पा झुकेगा नहीं” वाला डायलॉग भी बोला था।
हालांकि कानूनी स्थिति अब भी दिलचस्प बनी हुई है। चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक नाम वापसी की समय सीमा खत्म हो चुकी है। ऐसे में EVM पर जहांगीर खान का नाम और TMC का चुनाव चिन्ह बना रहेगा। यदि आयोग औपचारिक रूप से उनकी उम्मीदवारी रद्द नहीं करता, तो अधिक वोट मिलने की स्थिति में वे जीत का दावा भी कर सकते हैं।
इस बीच भाजपा ने फालता में जोरदार प्रचार किया। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने रोड शो कर पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश की। रोड शो के दौरान “जय श्रीराम” के नारे लगे और समर्थकों ने फूल बरसाकर उनका स्वागत किया। दूसरी तरफ TMC की ओर से कोई बड़ी रैली या जनसभा नहीं की गई, जिससे राजनीतिक हलकों में कई तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं।

