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आज शिवरात्रि पर भगवान शिव का जलाभिषेक,मंदिरों में पूरी तैयारियां,भक्तों की भीड़ उमड़ी

रामशंकर आईआईएमटी न्यूज आज शिवरात्रि है। गोमुख और हरिद्वार से कांवड़ लेकर अपने गंतव्य तक पहुंचकर, शिव मंदिर में जलाभिषेक किया। उनके चेहरे पर न किसी तरह की थकावट या नींद नहीं दिखी। शहर में पहुंचे कांवड़ियों का महिलाओं ने उनके पैर धोकर, तिलक लगाकर स्वागत किया। इलाके के बुजुर्गों ने भी उन्हें फूल-मालाएं पहनाईं। कई जगहों पर ढोल-बाजे के साथ कांवड़ियों को मंदिरों तक लाया गया। इस दौरान फूलों की वर्षा भी की गई। इस दौरान हर हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से सेवा शिविर भी गूंजे। कांवड़ियों से उनके परिजनों और परिचितों का मिलने का सिलसिला देर शाम तक रहा। अधिकतर जगहों पर भजन-कीर्तन भी हुए।उधर, मंदिर भी पूरी तरह रंग-बिरंगी लाइटों से सजकर तैयार हैं। तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। पूर्वी दिल्ली के ब्रह्मपुरी, शाहदरा, कृष्णा नगर, दिलशाद गार्डन, यमुना विहार समेत अन्य इलाकों के प्रमुख शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भक्ति दिखी। मंदिर समितियों की ओर से भक्तों की सुविधा के लिए जल, प्रसाद और दर्शन व्यवस्था को बेहतर बनाया गया। डाक कांवड़ियों के लिए अलग व्यवस्था की गई, ताकि वे बिना ज्यादा इंतजार किए सीधे शिवलिंग पर गंगाजल चढ़ा सकें। डाक कांवड़ियों के लिए जलाभिषेक की प्रक्रिया तेज रखने की विशेष व्यवस्था की गई। कई स्थानों पर भजन-कीर्तन, रुद्राभिषेक और विशेष पूजा हुई। चांदनी चौक स्थित गौरी शंकर मंदिर और मादीपुर के शिव मंदिर में भी कांवड़िये गंगाजल से शिव का जलाभिषेक किया।कांवड़ यात्रा के लिए शहर के मुख्य रास्ते आम लोगों के लिए बंद कर दिए गए हैं। इससे लोगों को आने जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यातायात के लिए दिल्ली मे मेट्रो खुली है लेकिन मेट्रो के बाहर कांवड़ शिविर लगे होने के कारण कोई यातायात का साधन नहीं है जिस कारण लोगों को कई किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ रहा है। शहीद स्थल, दिलशाद गार्डन, झिलमिल, मानसरोवर पार्क, शाहदरा और वेलकम के आस पास के अन्य क्षेत्रों में जाने के लिए कोई साधन नहीं मिल रहा है। दिलशाद गार्डन स्थानीय निवासी राजन ने बताया कि उनका दफ्तर नंद नगरी के पास है लेकिन रास्ता बंद होने के कारण कोई भी रिक्शा चालक मेट्रो की तरफ नहीं आ रहा है जिस कारण मेट्रो से अपने दफ्तर तक पैदल चल कर जाना पड़ रहा है।

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