रोशनी शंकर (ग्रेटर नोएडा)
नए साल के आगमन के साथ ही धार्मिक पर्यटन स्थलों पर श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ने लगती है। कृष्ण नगरी वृंदावन भी हर साल की तरह इस बार भी नव वर्ष के मौके पर आस्था का बड़ा केंद्र बनने जा रही है। अनुमान है कि 31 दिसंबर और 1 जनवरी को देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए यहां पहुंचेंगे।
भीड़ बढ़ने के साथ-साथ व्यवस्थाओं पर दबाव भी बढ़ जाता है। पिछले वर्षों के अनुभव बताते हैं कि इन दिनों शहर में लंबा ट्रैफिक जाम, पैदल मार्गों पर भारी भीड़ और मंदिरों में कई-कई घंटे तक इंतजार करना आम बात हो जाती है। विशेष रूप से प्रमुख मंदिरों में दर्शन के लिए समय लग सकता है। स्थिति को संभालने के लिए स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात को लेकर अतिरिक्त इंतजाम करने की तैयारी शुरू कर दी है। कई सड़कों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया जा सकता है, वहीं भीड़ नियंत्रण के लिए अतिरिक्त पुलिस बल और स्वयंसेवकों की तैनाती की जाएगी। बाहरी वाहनों पर भी कुछ प्रतिबंध संभव हैं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि यात्रा से पहले स्थानीय दिशानिर्देशों की जानकारी जरूर लें। बुजुर्गों, बच्चों और स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। भीड़ से बचने के लिए वैकल्पिक तिथियों पर दर्शन करना एक बेहतर विकल्प हो सकता है।
संक्षेप में कहा जाए तो नव वर्ष पर वृंदावन की यात्रा आध्यात्मिक आनंद तो देती है, लेकिन अत्यधिक भीड़ के कारण यह यात्रा थोड़ी कठिन भी हो सकती है। ऐसे में सही योजना और धैर्य के साथ यात्रा करना ही समझदारी होगी।

