प्रफुल्ल शर्मा (ग्रेटर नोएडा)
पहले नंबर पर हैं देश की राजधानी दिल्ली हैं, दिल्ली क्राइम के मामलों में प्रथम स्थान पर हैं। दिल्ली सिर्फ देश की राजधानी ही नहीं बल्कि डर की भी राजधानी बन चुंकी हैं। अपराध का ग्राफ यहाँ बेहद तेज़ी से बढ़ रहा है। NCRB की रिपोर्ट में पता लगे डेटा के अनुसार, दिल्ली में पिछले 10 सालों में अपराध तीन गुना तक बढ़ा बताया गया है। दिनदहाड़े लूट, हत्या, दुष्कर्म और महिलाओं से छेड़छाड़ जैसी घटनाएँ अक्सर रिपोर्ट की जाती हैं। दिल्ली की जनसंख्या बहुत ज़्यादा होने के साथ-साथ बेरोज़गारी, आर्थिक असमानता और बड़े शहर का दबाव — ये सब मिलकर क्राइम को और बढ़ावा देते हैं।
दुसरे नंबर पर हैं सूरत जिसको डायमंड सिटी के नाम से भी जाना जाता हैं, लेकिन यहां सिर्फ डायमंड की ही चमक देखने को नहीं मिलती यहां क्राइम भी चमकता है सूरत को हम डायमंड सिटी ऑफ इंडिया के नाम से जानते हैं। लेकिन NCRB की रिपोर्ट के आँकड़ों के मुताबिक— यहाँ प्रति 1 लाख लोगों पर 215 अपराध सामने आते हैं। यानी पुरे शहर में 1 लाख आबादी के स्तर पर 215 नागरिक जो हैं वो अपराध करते हैं। सुरत में सबसे ज्यादा मामले संपत्ति विवाद और चोरी से जुड़े होते हैं। तेज़ी से बढ़ता उद्योग और माइग्रेशन भी सूरत में अपराध बढ़ने की एक बड़ी वजह माना जाता है।
तीसरे नंबर पर हैं कोच्चि जो केरल में स्थित हैं यह खूबसूरत शहर अपनी खूबसूरती के लिए ही नहीं बल्कि क्राइम का साया भी सदा छाया रहता हैं । कोच्चि अपनी हरियाली, तट और ऐतिहासिक महत्त्व के लिए मशहूर है। लेकिन अपराध के मामले में भी दिन पे दिन बढते जा रहे हैं। NCRB की रिपोर्ट के मुताबिक प्रति 1 लाख लोगों में से 1604 पर अपराधीक मामलो के केस दर्ज हैं । खासतौर पर मरीन ड्राइव इलाके में जहां जेबक़तरी,और महिलाओं के साथ दिक्कतों जैसे मामले रिपोर्ट किए जाते हैं। पर्यटन और भीड़भाड़ वाले इलाके होने के कारण यहाँ अधिक मिलते हैं। अपराध के मामलों में हमारी लिस्ट में चौथे नंबर पर हैं अहमदाबाद जिसे मैनचेस्टर ऑफ इंडिया के नाम से भी जाना जाता हैं अहमदाबाद कभी गुजरात की राजधानी भी था और इसे मैनचेस्टर ऑफ इंडिया कहा जाता है। लेकिन NCRB की लिस्ट के अनुसार— 2024 के शुरुआती 9 महीनों में करीब 7,400 मामले दर्ज अहमदाबाद में दर्ज हुए हैं और प्रति 1 लाख पर 360 अपराध के मामले दर्ज होते हैं । शहर की तेज़ी से बढ़ती जनसंख्या, व्यापारिक गतिविधियाँ और ट्रैफ़िक से जुड़े विवाद यहाँ अपराध को बढ़ाते हैं। पांचवे पायादान पर शुमार हैं चेन्नई जो अब सिर्फ IT हब ही नहीं बल्कि अपराध का हब भी बनता जा रहा हैं। चेन्नई, जिसे पहले मद्रास कहा जाता था, भारत का एक बड़ा IT हब है। प्रति 1 लाख पर 173.5 अपराध दर्ज हैं। 2024 में 1689 केस रिपोर्ट हुए। कई मामलों में भुखमरी, गरीबी, बेरोज़गारी और संगठित क्राइम कारण माने जाते हैं। साथ ही “सुपारी किलर” जैसे अपराध भी सामने आए हैं। चेन्नई बड़ा शहर है, इसलिए हर तरह की गतिविधियाँ यहाँ देखने को मिलती हैं। छहा शहर लिस्ट में हैं इंदौर जो की क्लीन सिटी के नाम से प्रसिद्द हैं, लेकिन क्राइम के मामलों में यह शहर क्लीन नही हैं। इंदौर को भारत का सबसे साफ़ शहर कहा जाता है। लेकिन अपराध की बात करें तो सबसे गंदा आंकडो के मुताबिक प्रति 1 लाख लोगों पर 768 अपराध दर्ज बताए गए हैं। महिलाओं से जुड़े अपराध, छेड़छाड़, चोरी, औप साइबर क्राइम की भी संख्या लगातार बढ़ रही है। इंदौर तेज़ी से विकसित हो रहा शहर है, और इसी वजह से क्राइम का स्वरूप भी लगातार बदलता जा रहा है।

