रामशंकर, आईआईएमटी न्यूज। गाजियाबाद। सूर्या चौहान हत्याकांड के बाद खोड़ा क्षेत्र में चलाए गए तीन दिवसीय अपराधी सत्यापन अभियान ने चौंकाने वाले तथ्य सामने लाए हैं। पुलिस के मुताबिक, अभियान के दौरान 1600 से अधिक अपराधियों को चिह्नित किया गया, जिनमें से 620 अपने घरों से गायब मिले। वहीं, 524 संदिग्ध परिवार क्षेत्र छोड़कर पलायन कर गए। पुलिस की इस कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
कमिश्नरेट पुलिस ने सूर्या चौहान हत्याकांड के बाद खोड़ा क्षेत्र में व्यापक सर्च और सत्यापन अभियान शुरू किया था। करीब आठ लाख की आबादी वाले इस इलाके में पुलिस टीमों ने तीन दिनों तक घर-घर जाकर जांच की। इस दौरान लगभग 1200 अपराधियों और संदिग्ध व्यक्तियों के घरों तक पुलिस पहुंची। हालांकि, बड़ी संख्या में लोग अपने घरों से नदारद मिले। कई मकानों पर ताले लटके मिले, जबकि कुछ स्थानों पर परिजनों ने दरवाजे तक नहीं खोले।
पुलिस जांच में सामने आया कि 75 हिस्ट्रीशीटर और 37 गैंगस्टर अपने परिवारों के साथ रातोंरात मकान छोड़कर चले गए। इनमें से केवल 42 लोगों का ही सत्यापन हो सका। बाकी लोगों के घरों पर पुलिस ने नोटिस चस्पा कर दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि फरार लोगों की तलाश जारी है और उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
अभियान के दौरान 524 संदिग्ध परिवारों के क्षेत्र छोड़ने की पुष्टि हुई है। पुलिस ने ऐसे मकानों की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराई है। इसके अलावा 94 ऐसे परिवार भी चिह्नित किए गए हैं, जिन पर अवैध तरीके से संपत्ति अर्जित कर मकान बनाने का संदेह है। इन मामलों में संपत्तियों का विवरण एकत्र किया जा रहा है और आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
पुलिस आयुक्त जे. रविंदर गौड़ ने बताया कि खोड़ा क्षेत्र में आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों, कट्टरपंथी तत्वों और अराजक गतिविधियों से जुड़े व्यक्तियों का सत्यापन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान 600 से अधिक अपराधी और उनके परिवार अपने घरों पर नहीं मिले। कई मकानों में केवल महिलाएं और बुजुर्ग पाए गए। पुलिस संबंधित लोगों की संपत्तियों और आर्थिक गतिविधियों की भी जांच कर रही है।
इसी बीच पुलिस को सूर्या हत्याकांड की जांच में भी बड़ी सफलता मिली है। मामले में वांछित 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी शारिक को पुलिस ने इंदिरापुरम अंडरपास के पास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार शारिक मूल रूप से अलीगढ़ जिले के छर्रा थाना क्षेत्र के बादशाह नगला गांव का निवासी है और वर्तमान में खोड़ा के नवनीत विहार में रह रहा था।
एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि पूछताछ में शारिक ने अपने साथियों असद, फरहान और अतीक के साथ मिलकर सूर्या चौहान पर चाकू से हमला करने की बात स्वीकार की है। उसकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच में जुटी है।
उधर, सूर्या चौहान के परिजनों से मिलने के लिए कई सामाजिक और राजनीतिक हस्तियां भी पहुंचीं। उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद के अध्यक्ष कैप्टन विकास गुप्ता, स्वामी दीपांकर और हिंदू रक्षा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पिंकी चौधरी ने परिवार को सांत्वना दी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
सूर्या हत्याकांड के बाद खोड़ा में चलाए गए इस अभियान ने क्षेत्र में सक्रिय अपराधियों के नेटवर्क और संदिग्ध गतिविधियों को लेकर कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस का कहना है कि सत्यापन अभियान आगे भी जारी रहेगा और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

