राजतिलक शर्मा
(ग्रेटर नोएडा) शहर के अत्याधुनिक इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में 61वां आईएचजीएफ दिल्ली मेला – स्पिंग 2026 आयोजित किया है । इस आयोजन ने पुराने ग्राहकों के साथ ही पहली बार आए व्यापारी समुदाय को भी बड़ी संख्या में आकर्षित किया है । भारत की विविध भौगोलिक और सांस्कृतिक विरासत को प्रतिबिंबित करने वाला, यह मेला समृद्ध शिल्पकला परंपरा और विभिन्न आकार के उत्पादों के लिए बड़ी संख्या और विविधता में उपलब्ध कच्चे माल का प्रदर्शन करता है । 900 स्थायी शोरूमों, हॉल्स में 3000 से अधिक प्रदर्शकों के साथ ही थीम प्रस्तुतियों और अनेक महत्वपूर्ण आयोजन इस मेले को विराट और व्यापक प्रदर्शनी का रूप दे रहे हैं ।
इस मौके पर ईपीसीएच के अध्यक्ष डॉ. नीरज खन्ना ने कहा, “इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट पर 17 बड़े हॉलों में 16 विविध उत्पाद श्रेणियों को प्रदर्शित करते हुए, यह मेला सभी प्रतिभागियों और आगंतुकों के लिए प्रेरणा और उत्साह का स्रोत बना हुआ है । यहाँ प्रतिभागी शिल्पकारों से जुड़ रहे हैं, प्रेरित हो रहे हैं और भारत के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले व्यापक स्पेक्ट्रम के निर्माताओं से उत्पादों की खरीद कर रहे हैं । मेले के परंपरागत ग्रहक, पुराने सहयोगी और पहली बार शिरकत कर रहे आगंतुक सभी ने भारतीय आपूर्तिकर्ताओं के प्रति बढ़ते आकर्षण और प्राथमिकता को व्यक्त किया है । यह लगातार बढ़ती प्राथमिकता और आकर्षण उनकी विशिष्ट हस्तशिल्प मूल्य संवर्धन और वैश्विक ट्रेंड्स के अनुरूप विकसित स्टाइलिश उत्पाद लाइनों को प्रस्तुत करने की क्षमता की सराहना का प्रमाण है। हालांकि समकालीन सौंदर्य को व्यापक रूप से अपनाया जा रहा है, खरीदार लगातार दोहराते हैं कि भारत की हस्तशिल्प उत्कृष्टता, बारीक और शानदार कारीगरी बेजोड़ है, जो लगातार वैश्विक जानकारों को आकर्षित करती रहती है ।”
ईपीसीएच के महानिदेशक की भूमिका में मुख्य संरक्षक और आईईएमएल के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार ने इस अवसर पर कहा, “इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट एक बार फिर सार्थक व्यापारिक जुड़ाव के लिए गतिशील मंच के रूप में उभरा है, जो अनुभवी वैश्विक खरीदारों को भारत के अनुभवी निर्यातकों तथा उद्यमी नेतृत्व की उभरती दूसरी और तीसरी पीढ़ी से जोड़ रहा है ।” इस अवसर पर उन्होंने इंगित किया कि मेले में प्रतिभाग कर रहे प्रदर्शक कपास और जूट आधारित लाइफस्टाल के सामान, प्राकृतिक रंगों से हैंड पेंटेड शिल्प वस्त्र, रीसाइकिल्ड कपड़े और कागज से बनी सजावट की वस्तुओं तथा प्राकृतिक रूप से उगाए गए पौधों के फाइबर से बने फैशन सामान और पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों का जीवंत स्पेक्ट्रम प्रस्तुत कर रहे हैं। अपनी बात को विस्तार देते हुए उन्होंने ये भी कहा कि “ये स्थायी नवाचार खरीदारों के पसंद और उनकी प्रवृति के अनुरूप हैं और यही वजह है कि उनके प्रति जबरदस्त आकर्षण देखने को मिल रहा है ।”
ईपीसीएच के उपाध्यक्ष श्री सागर मेहता ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, “मेला प्रदर्शकों के साथ ही अपने दूसरे आकर्षणों की वजह से अच्छी प्रगति कर रहा है। आज आयोजित सेमिनारों से प्रदर्शक और प्रतिभागियों ने मूल्यवान जानकारी प्राप्त की। इसी कड़ी में ‘लेवरेजिंग इंडियाज़ रीसेंट फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स फॉर एन्हैंसिंग एक्सपोर्ट्स ग्रोथ’ विषयक सेमिनार का उद्देश्य प्रतिभागियों को हाल ही में हस्ताक्षरित मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) जैसे भारत-यूके सीईटीए, भारत-ईयू एफटीए, भारत-यूएई सीईपीए आदि का लाभ उठाने के लिए व्यावहारिक रणनीतियों के साथ तैयार करना था। इसी तरह ‘मार्केट डाइवर्सिफिकेशन-एमर्जिंग डेस्टिनेशन एंड ट्रेंड ड्राइवर्स’ विषयक सेमिनार ने भारतीय हस्तशिल्प की लिए प्रासंगिक उभरते बाजार ट्रेंड्स और खरीदार व्यवहार की व्यापक समझ दी। इन सेमिनार्स में विषय विशेषत्र, सम्मानित प्रबंधन संस्थान के वरिष्ठ अकादमिक विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया औ। इस सत्र का उद्देश्य प्रतिभागियों, विशेष रूप से लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्यम निर्यातकों को प…

